राजपुर में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 80 नग साल चिरान से लदा वाहन जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार
बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र में रात्रि गश्त के दौरान वन विभाग की टीम ने अवैध साल चिरान का परिवहन करते एक वाहन को जब्त किया है। वाहन से करीब 1.209 घनमीटर मात्रा में 80 नग साल चिरान बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई गई है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लकड़ी तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l वन सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे रात्रि गश्त अभियान के दौरान राजपुर वन परिक्षेत्र की टीम ने अवैध रूप से साल चिरान का परिवहन करते एक वाहन को जब्त किया है। कार्रवाई 9 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे राजपुर से ओंकारा-धौरपुर करदनी मार्ग पर की गई। वन विभाग की टीम ने वाहन की जांच के दौरान उसमें बड़ी मात्रा में साल की चिरान लकड़ी बरामद की। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर वन अपराध दर्ज किया गया है।
वन विभाग के अनुसार रात्रि गश्त के दौरान टाटा योद्धा वाहन क्रमांक UP T 64 BT 3521 को संदिग्ध परिस्थितियों में रोककर जांच की गई। जांच के दौरान वाहन में अवैध रूप से राष्ट्रीयकृत साल चिरान का परिवहन किया जाना पाया गया। वाहन से कुल 80 नग साल चिरान बरामद की गई, जिसकी मात्रा लगभग 1.209 घनमीटर बताई गई है। विभाग ने जब्त लकड़ी की अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई है, जबकि वन उपज का मूल्य करीब 80 हजार रुपये आंका गया है।
मामले में वन विभाग ने वन अपराध क्रमांक 22026/02, दिनांक 9 सितंबर 2026 दर्ज किया है। बिक्री के उद्देश्य से राष्ट्रीयकृत साल चिरान के अवैध परिवहन के आरोप में छत्तीसगढ़ वन अधिनियम 2001, मध्यप्रदेश वन उपज व्यापार विनियमन अधिनियम 1969, भारतीय वन अधिनियम 1927 तथा मध्यप्रदेश काष्ठ चिरान विनियम अधिनियम 1984 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। वन विभाग द्वारा जब्त वाहन और लकड़ी को नियमानुसार अभिरक्षा में लिया गया है।
मामले में गिरफ्तार आरोपी की पहचान अजय टोप्पो उर्फ जयमल टोप्पो, निवासी करदनी, जिला सरगुजा के रूप में बताई गई है। वन विभाग के अनुसार आरोपी के विरुद्ध लकड़ी चोरी से जुड़े पुराने मामलों की जानकारी भी सामने आई है। विभाग द्वारा आरोपी से पूछताछ कर लकड़ी के स्रोत, खरीद-बिक्री और परिवहन से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि लकड़ी तस्करी के बड़े गिरोह से आरोपी के संबंध की बात फिलहाल जांच के दायरे में है और विवेचना पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी द्वारा चौखट की लकड़ी करीब 400 रुपये प्रति नग की दर से खरीदकर करदनी क्षेत्र में लगभग 600 रुपये प्रति नग की दर से बेचने के उद्देश्य से ले जाने की बात सामने आई है। जांच में करीब 15 व्यक्तियों से 80 नग चौखट की लकड़ी खरीदे जाने की जानकारी भी विभाग को मिली है। वन विभाग अब इस खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच कर रहा है।
रात्रि गश्ती दल द्वारा की गई इस कार्रवाई को वन विभाग की ओर से वन सुरक्षा और अवैध लकड़ी परिवहन के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई में परिक्षेत्राधिकारी राजपुर अजय वर्मा, परिक्षेत्र सहायक अमृत प्रताप सिंह, पुनित कुमार सिंह, परिसर रक्षक प्रमोद कुमार एक्का, कुंदन पैकरा, राकेश लकड़ा, राजेश कुमार, धीरेन्द्र प्रताप सिंह, युधिष्ठिर राम, भूपेन्द्र प्रताप सिंह, वाहन चालक जगेश्वर पैकरा, नीरज कुंवर एवं सम्मेलाल सहित वन विभाग की टीम का योगदान रहा। वन विभाग ने रात्रि गश्त और निगरानी व्यवस्था को आगे भी जारी रखने की बात कही है, ताकि वन संपदा के अवैध परिवहन और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।