पितृ पक्ष में जलस्रोतों की स्वच्छता और सुरक्षा की मांग, अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
पितृ पक्ष के दौरान रायपुर सहित प्रदेश के प्रमुख नदी-तालाबों में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता के लिए अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री एवं प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने तर्पण घाटों की सफाई, बैरिकेडिंग, गोताखोरों की तैनाती, महिला चेंजिंग रूम, पेयजल और पर्यावरण अनुकूल विसर्जन कुंड की व्यवस्था की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l आगामी 26 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले पितृ पक्ष को देखते हुए राजधानी रायपुर सहित प्रदेशभर के प्रमुख नदी-तालाबों और जलस्रोतों में स्वच्छता, सुरक्षा एवं तर्पण घाटों की बेहतर व्यवस्था की मांग उठाई गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री, नगर निगम आयुक्त एवं महापौर तथा कलेक्टर रायपुर को ज्ञापन प्रेषित कर पितृ पक्ष के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की है।
मनोज सिंह ठाकुर ने कहा कि सनातन परंपरा में पितृ पक्ष का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। इस अवधि में बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पूर्वजों के निमित्त स्नान और तर्पण के लिए नदी एवं तालाबों के घाटों पर पहुंचते हैं। रायपुर में खारून नदी के महादेव घाट के अलावा बूढ़ा तालाब, कंकाली तालाब, तेलीबांधा तालाब सहित प्रदेश के अन्य प्रमुख जलस्रोतों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि तड़के ब्रह्म मुहूर्त में होने वाले तर्पण को देखते हुए प्रशासन को स्वच्छता और सुरक्षा की तैयारियां पहले से पूरी करनी चाहिए।
ज्ञापन में सभी प्रमुख नदी तटों और तालाबों में सघन स्वच्छता अभियान चलाने की मांग की गई है। इसके तहत जलकुंभी, सिल्ट और प्लास्टिक कचरे को समय रहते हटाने तथा घाटों की नियमित सफाई और धुलाई कराने का सुझाव दिया गया है। साथ ही आवश्यक स्थानों पर चूना और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव की व्यवस्था करने की मांग रखी गई है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके और जलस्रोतों के आसपास साफ-सफाई बनी रहे।
मनोज सिंह ठाकुर ने मुख्य जलधारा को प्रदूषण से बचाने के लिए समर्पित तर्पण वेदी और पृथक विसर्जन कुंड बनाने का सुझाव भी दिया है। उनका कहना है कि फूल, तिल, जौ सहित तर्पण से संबंधित सामग्री के लिए अलग व्यवस्था होने से इन वस्तुओं को सीधे नदी या तालाब में डालने से रोका जा सकता है। पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था के लिए ग्रीन विसर्जन कुंड या निर्धारित पात्र स्थापित करने की मांग की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी ज्ञापन में विशेष सुझाव दिए गए हैं। तड़के अंधेरे में श्रद्धालुओं के घाटों पर पहुंचने को ध्यान में रखते हुए गहरे पानी वाले स्थानों पर फ्लोटिंग बैरिकेडिंग कराने की मांग की गई है। साथ ही प्रशिक्षित गोताखोरों को लाइफ जैकेट और आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ तैनात करने का सुझाव दिया गया है। इसके लिए एसडीआरएफ या नगर सेना के प्रशिक्षित गोताखोरों की सेवाएं लेने की बात कही गई है, ताकि किसी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध हो सके।
ज्ञापन में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया है। ब्रह्म मुहूर्त में होने वाले तर्पण को देखते हुए घाटों पर पर्याप्त हाई-मास्ट लाइटिंग, महिलाओं के लिए सुरक्षित और कवर्ड चेंजिंग रूम, मोबाइल टॉयलेट तथा शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से श्रद्धालुओं को तर्पण के दौरान बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
मनोज सिंह ठाकुर ने प्रशासन से आग्रह किया है कि पितृ पक्ष शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा कर उन्हें समय-सीमा के भीतर पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि जन-आस्था के इस महत्वपूर्ण अवसर पर नागरिक सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलना जरूरी है। प्रशासन द्वारा समय रहते उचित दिशा-निर्देश जारी कर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने से श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।