ग्राम पंचायत चन्द्रनगर में नाली निर्माण में भारी अनियमितता, घटिया गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने जांच की उठाई मांग
बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत चन्द्रनगर में नाली निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं और घटिया गुणवत्ता के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने मिट्टी युक्त बालू, कम सीमेंट और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA.अली खान, बलरामपुर। रामानुजगंज जनपद अंतर्गत रामचंद्रपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत चन्द्रनगर में नाली निर्माण कार्य को लेकर भारी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। गांव के पूर्व पारा एवं बीच पारा में कराए गए नाली निर्माण को ग्रामीणों ने घटिया, मानकविहीन और नियमों के विरुद्ध बताया है। निर्माण की गुणवत्ता इतनी खराब बताई जा रही है कि पहली नजर में ही खामियां साफ दिखाई देती हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि नाली निर्माण में मिट्टी युक्त बालू, कम मात्रा में सीमेंट और कम गिट्टी का उपयोग किया गया है। फिनिशिंग भी बेहद कमजोर है, जिससे नाली की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया गया कि नाली का कुछ हिस्सा करीब चार महीने पहले बनाया गया था, जबकि शेष कार्य हाल ही में कराया गया है, लेकिन अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा निरीक्षण या सुधार नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि नाली निर्माण पीएमजीएसवाई सड़क पर कर दिया गया है, जबकि पंचायत मद से होने वाले कार्यों को ग्राम की भूमि पर किया जाना चाहिए। नियमों की अनदेखी कर मुख्य सड़क पर निर्माण किया जाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सब सरपंच के दबाव में कराया गया, जिससे नियमों को ताक पर रख दिया गया।
कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने निर्माण कार्य को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया था, लेकिन न तो कोई जांच हुई और न ही प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन दिया गया। ग्रामीणों का सवाल है कि जब जांच की मांग की जा चुकी थी, तो उसके बाद भी निर्माण कार्य कैसे जारी रहा। इससे जनपद पंचायत के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है।
ग्राम पंचायत के सचिव की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार सचिव वर्षों से पंचायत कार्यालय नहीं आते और सरपंच से मिलीभगत कर पंचायत राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। पंचायत कार्यालय केवल कागजों तक सीमित रह गया है। जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे जरूरी कार्यों के लिए भी सचिव से संपर्क करना मुश्किल बताया जा रहा है।
हाल ही में पंचायत में नाली निर्माण और चबूतरा निर्माण जैसे दो कार्य कराए गए, लेकिन दोनों ही कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो चुके हैं। आरोप है कि सरपंच सोनिया सिंह के स्थान पर उनका पुत्र कविलास सिंह पंचायत का संचालन करता है और ग्राम सभा एवं आम सभाओं में वही सक्रिय रहता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनपद पंचायत से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।