ग्राम सिंघनपुरी में तेंदुए का सुरक्षित रेस्क्यू, वन एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने संभाला मोर्चा
कवर्धा वन मंडल के ग्राम सिंघनपुरी में खेतों के बीच तेंदुआ दिखाई देने की सूचना पर वन एवं पुलिस विभाग ने तत्काल संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया। रायपुर से विशेषज्ञों और वन्यप्राणी चिकित्सकों की टीम बुलाकर तेंदुए को ट्रैंक्विलाइजर डार्ट की सहायता से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे भोरमदेव वन्यजीव अभयारण्य ले जाया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l वन मंडल कवर्धा के अंतर्गत ग्राम सिंघनपुरी में गुरुवार सुबह खेतों के बीच स्थित मार्ग के समीप तेंदुआ दिखाई देने की सूचना मिलने के बाद वन एवं पुलिस विभाग ने तत्काल कार्रवाई की। सूचना मिलते ही अधिकारियों और संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र को सुरक्षित किया और ग्रामीणों को आवश्यक समझाइश देकर भीड़ को नियंत्रित किया। इसके बाद तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने के लिए अभियान शुरू किया गया। इस दौरान मानव सुरक्षा के साथ वन्यप्राणी की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई।
वन मंडल अधिकारी निखिल अग्रवाल के मार्गदर्शन में उप वन मंडल अधिकारी कवर्धा, परिक्षेत्र अधिकारी कवर्धा एवं भोरमदेव अभयारण्य तथा पुलिस विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। कवर्धा और राजनवागांव थाना प्रभारियों सहित वन एवं पुलिस विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। टीम ने सबसे पहले आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया और आवश्यक घेराबंदी की। ग्रामीणों को तेंदुए से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और मौके पर भीड़ नहीं लगाने की समझाइश दी गई।
तेंदुए के रेस्क्यू के लिए रायपुर से विशेषज्ञों और वन्यप्राणी चिकित्सकों की टीम को बुलाया गया। विशेषज्ञ दल के घटनास्थल पर पहुंचने के बाद तेंदुए की स्थिति, आसपास के क्षेत्र और रेस्क्यू की परिस्थितियों का सावधानीपूर्वक आकलन किया गया। विशेषज्ञों की निगरानी में रेस्क्यू की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। दोपहर 1 बजकर 42 मिनट पर ट्रैंक्विलाइजर डार्ट की सहायता से तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया। अभियान के दौरान वन एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन करते हुए कार्रवाई पूरी की।
प्रारंभिक परीक्षण के अनुसार रेस्क्यू किए गए तेंदुए की उम्र लगभग 8 वर्ष आंकी गई है। रेस्क्यू के बाद वन्यप्राणी चिकित्सकों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया। इसके बाद तेंदुए को आगामी उपचार और निगरानी के लिए भोरमदेव वन्यजीव अभयारण्य ले जाया गया। वन विभाग के अनुसार तेंदुए के स्वास्थ्य की निगरानी की जाएगी और पूर्ण रूप से स्वस्थ पाए जाने के बाद उसे नियमानुसार सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
रेस्क्यू अभियान के दौरान वन विभाग और पुलिस विभाग के बीच समन्वय से मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली। ग्रामीणों को भी अभियान में सहयोग के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। वन विभाग ने ग्रामीणों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि वन्यप्राणी के आबादी वाले क्षेत्र के आसपास दिखाई देने की स्थिति में लोगों का संयम बनाए रखना बेहद जरूरी है। वन्यप्राणी को देखने के लिए भीड़ लगाने या उसके नजदीक जाने से मानव और वन्यप्राणी दोनों के लिए जोखिम पैदा हो सकता है।
वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी क्षेत्र में तेंदुआ या अन्य वन्यप्राणी दिखाई देने पर उसके पास जाने का प्रयास न करें और न ही भीड़ एकत्रित करें। ऐसी स्थिति में तत्काल वन विभाग या पुलिस विभाग को सूचना देने की अपील की गई है, ताकि प्रशिक्षित टीम मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई कर सके। विभाग ने कहा कि मानव और वन्यजीव के बीच सुरक्षित सहअस्तित्व बनाए रखने के लिए नागरिकों का सहयोग महत्वपूर्ण है।
ग्राम सिंघनपुरी में चलाए गए इस रेस्क्यू अभियान में वन एवं पुलिस विभाग की तत्परता, विशेषज्ञों की तकनीकी सहायता और ग्रामीणों के सहयोग से तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया। वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए नागरिकों से वन्यप्राणियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करने तथा किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभाग को तत्काल सूचना देने की अपील की है।