नारी सशक्तिकरण ही मजबूत भारत की नींव: विधायक पुरन्दर मिश्रा
नारी शक्ति वंदन सम्मेलन से प्रेरित होकर विधायक पुरन्दर मिश्रा ने महिलाओं की सशक्त भागीदारी को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया और नारी सम्मान का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन ने देशभर में महिलाओं के सम्मान, जागरूकता और सशक्तिकरण को लेकर एक नई ऊर्जा का संचार किया है। इस कार्यक्रम से प्रेरित होकर रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरन्दर मिश्रा ने महिलाओं की भूमिका को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया।
विधायक पुरन्दर मिश्रा ने रायपुर से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ इस सम्मेलन में वर्चुअली जुड़कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन को सुना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संदेश महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रेरणा है।
विधायक मिश्रा ने कहा कि नारी केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पूरे समाज और राष्ट्र की शक्ति का केंद्र है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की प्रगति में ही देश का उज्ज्वल भविष्य निहित है। यदि महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिलेगा, तो देश तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा।
उन्होंने नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पहल महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं को समान अधिकार और सुरक्षा प्रदान करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाया। सभी ने मिलकर महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
विधायक पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे सामाजिक आंदोलन का रूप देना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों और समाज में महिलाओं को सम्मान और अवसर दें, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि नारी की उन्नति ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। जब महिलाएं सशक्त होंगी, तभी समाज और देश मजबूत बनेगा। इस सोच के साथ उन्होंने हर घर तक नारी सम्मान का संदेश पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
यह कार्यक्रम न केवल एक सम्मेलन था, बल्कि महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में सामने आया, जिसने समाज को सकारात्मक संदेश दिया।