UNITED NEWS OF ASIA . अमृतेश्वर सिंह , रायपुर | Raigarh स्थित Sant Baba Guru Ghasidas Ji Smriti Government Hospital Raigarh के अस्थि रोग विभाग में अब अत्याधुनिक तकनीक से घुटना प्रत्यारोपण एवं कूल्हा प्रत्यारोपण जैसी जटिल सर्जरी की सुविधा सफलतापूर्वक प्रारंभ कर दी गई है। अब तक ऐसे मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों में जाना पड़ता था, जहां निजी अस्पतालों में इस सर्जरी पर लाखों रुपये खर्च होते थे। अब यह सुविधा रायगढ़ जिले में ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपलब्ध हो रही है।
यह उपलब्धि राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री
Shyam Bihari Jaiswal तथा वित्त मंत्री O. P. Choudhary के मार्गदर्शन में रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं लगातार बढ़ाई जा रही हैं।
मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार मिंज के नेतृत्व में यह नई सुविधा प्रारंभ की गई है। अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि निजी अस्पतालों में एक जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी पर लगभग 2.5 से 3 लाख रुपये तक का खर्च आता है, जबकि शासकीय मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में यह सुविधा आयुष्मान योजना के अंतर्गत निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इससे जिले के मरीजों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है और उन्हें अपने ही शहर में उच्चस्तरीय उपचार मिल रहा है।
28 वर्षीय मरीज छविराज कुमार ने बताया कि उन्हें लंबे समय से पैर में गंभीर समस्या थी, जिससे चलने-फिरने में काफी कठिनाई होती थी। निजी अस्पताल में सर्जरी के लिए लगभग ढाई लाख रुपये का खर्च बताया गया था, जो उनके लिए संभव नहीं था। रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत सर्जरी की सुविधा मिलने की जानकारी मिलने पर उन्होंने यहां उपचार कराया। सफल ऑपरेशन के बाद अब वे सामान्य रूप से चल पा रहे हैं और दूसरे ही दिन से पैरों पर खड़े होकर चलना शुरू कर दिया था। उन्होंने चिकित्सकों की टीम और अस्पताल प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया।
अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण जांगड़े ने बताया कि गठिया, ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटॉइड आर्थराइटिस, दुर्घटना के बाद जोड़ों की क्षति तथा लंबे समय से घुटने और कूल्हे के असहनीय दर्द से पीड़ित मरीजों के लिए जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी अत्यंत प्रभावी उपचार है। सर्जरी के बाद दर्द में उल्लेखनीय कमी आती है और मरीज तेजी से सामान्य जीवन की ओर लौटते हैं।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम.के. मिंज ने बताया कि घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण की सुविधा अत्याधुनिक तकनीक और निर्धारित चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के तहत दी जा रही है। अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण जांगड़े एवं एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. ए.एम. लकड़ा की विशेषज्ञ टीम द्वारा अब तक लगभग 10 मरीजों की सफल सर्जरी की जा चुकी है, जिनमें 5 कूल्हा और 5 घुटना प्रत्यारोपण शामिल हैं। यह सुविधा रायगढ़ जिले के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।