UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर/रायगढ़। स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, रायगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने के उद्देश्य से स्वशासी समिति (आरोग्य चिकित्सा शिक्षण एवं अनुसंधान समिति) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की, जिसमें वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत पूर्व बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा से हुई, जिसमें लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन की स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुलभ और जनोन्मुखी बनाने के लिए कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए।
इस दौरान मेडिकल कॉलेज और उससे संबद्ध अस्पताल में अत्याधुनिक जांच सुविधाओं के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रंगीन डॉप्लर, मेमोग्राफी मशीन, आर्थ्रोस्कोपी, इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री, हार्मोन जांच तथा एमआरआई मशीन की खरीदी को स्वीकृति प्रदान की गई। इन सुविधाओं के शुरू होने से मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उपचार की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
बैठक में मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल परिसर में जनऔषधि केंद्र के साथ अमृत औषधि केंद्र खोलने तथा 24 घंटे कैंटीन संचालन की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा, शहर से मेडिकल कॉलेज तक बेहतर आवागमन के लिए सिटी बस सेवा शुरू करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को राहत मिलेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए चिकित्सा उपकरणों के वार्षिक रखरखाव और समग्र रखरखाव अनुबंध को मंजूरी दी गई। साथ ही अस्पताल में आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वार्ड बॉय, स्टाफ नर्स और अन्य पदों पर भर्ती करने का निर्णय लिया गया।
आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर और अग्निशमन उपकरणों की संख्या बढ़ाने पर भी सहमति बनी। वहीं, बाल एवं शिशु रोग विभाग के आईसीयू में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने और उसे मानकों के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए गए, जिससे गंभीर रूप से बीमार बच्चों को बेहतर इलाज मिल सके।
मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए छात्र-छात्राओं हेतु अत्याधुनिक अध्ययन कक्ष और खेल मैदान विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है।
बैठक के दौरान वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने पूर्व अधिष्ठाता स्वर्गीय डॉ. विनित जैन के योगदान को याद करते हुए अस्थिरोग विभाग का नाम उनके नाम पर रखने और उनकी प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
अंत में, सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि स्वीकृत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करते हुए आमजन को शीघ्र लाभ पहुंचाया जाए। इस बैठक को रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में मरीजों को बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।