मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ग्राम पालदनौली ओड़गी में पूरक पोषण आहार यूनिट का किया शुभारंभ, महिला समूह को मिला सशक्त मंच

ग्राम पालदनौली ओड़गी में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की उपस्थिति में पूरक पोषण आहार यूनिट का शुभारंभ किया गया। इस यूनिट का संचालन राधे महिला स्वयं सहायता समूह करेगा, जहां मीठा शक्ति आहार एवं नमकीन पौष्टिक दलिया तैयार किया जाएगा। इस पहल से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराया जाएगा।

Feb 18, 2026 - 12:21
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मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ग्राम पालदनौली ओड़गी में पूरक पोषण आहार यूनिट का किया शुभारंभ, महिला समूह को मिला सशक्त मंच

 UNITED NEWS OF ASIA . विकास श्रीवास्तव , सूरजपुर  | ग्राम पालदनौली ओड़गी में आज महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्थापित “पूरक पोषण आहार” यूनिट का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित रहीं। इस यूनिट का संचालन राधे महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा किया जाएगा।

नवस्थापित यूनिट में मीठा शक्ति आहार एवं नमकीन पौष्टिक दलिया का निर्माण किया जाएगा। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने समूह की दीदियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस यूनिट की स्थापना से क्षेत्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित पोषण आहार उपलब्ध कराया जा सकेगा।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सुपोषित भारत” के संकल्प तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार कुपोषण उन्मूलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। पालदनौली ओड़गी में इस यूनिट का शुभारंभ इसी दिशा में एक ठोस और प्रभावी कदम है।

उन्होंने बताया कि इस यूनिट में तैयार होने वाला मीठा शक्ति आहार एवं नमकीन पौष्टिक दलिया स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पोषक सामग्रियों से निर्मित किया जाएगा। इससे आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा धात्री माताओं को ताजा और पौष्टिक आहार समय पर उपलब्ध हो सकेगा। स्थानीय उत्पादन से न केवल आहार की गुणवत्ता बनी रहेगी, बल्कि उसकी ताजगी भी सुनिश्चित होगी।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने राधे महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह यूनिट महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है। इससे महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल आने वाले समय में कुपोषण से लड़ने में कारगर सिद्ध होगी और ग्रामीण स्तर पर पोषण सुरक्षा की मजबूत व्यवस्था तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।