निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सड़क निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता मानकों और कार्य व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। कलेक्टर ने कहा कि यह सड़क आम नागरिकों की सुविधा से सीधे जुड़ी हुई है, इसलिए निर्माण कार्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।
कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्माण प्रक्रिया में प्रयुक्त सामग्री, लेयरिंग, ड्रेनेज और सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण स्थल पर आवश्यक सुरक्षा संकेतक, बैरिकेडिंग और श्रमिकों के लिए सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बाइपास निर्माण से जुड़े भू-अर्जन प्रकरणों पर भी विशेष रूप से ध्यान दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन प्रकरणों में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रियाएं लंबित हैं, उनका तत्काल निराकरण किया जाए, ताकि निर्माण कार्य बाधित न हो और परियोजना तय समय में पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि भू-अर्जन संबंधी मामलों में पारदर्शिता बनाए रखते हुए प्रभावित लोगों को नियमानुसार लाभ दिलाया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि एनएच-343 बाइपास परियोजना की कुल लंबाई 13.700 किलोमीटर है। इस मार्ग पर यातायात की सुचारु व्यवस्था के लिए कुल 19 पाइप पुलिया तथा 7 बॉक्स पुलिया का निर्माण प्रस्तावित है। बाइपास मार्ग का निर्माण पूर्ण होने के बाद शहर के भीतर से गुजरने वाले भारी वाहनों का दबाव काफी हद तक कम होगा।
प्रशासन का मानना है कि इस बाइपास के शुरू होने से न केवल शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या से राहत मिलेगी, बल्कि यातायात व्यवस्था भी अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगी। भारी वाहनों के शहर के बाहर से ही गुजरने के कारण दुर्घटनाओं की संभावना में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
कलेक्टर अजीत वसंत ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत की जाए, ताकि किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक बाधा का समय रहते समाधान किया जा सके।
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि एनएच-343 बाइपास परियोजना क्षेत्र के विकास और नागरिकों की सुविधा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसे प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कर आमजन को जल्द से जल्द इसका लाभ उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।