रायपुर के ऐतिहासिक महाराजबंध तालाब की बदहाल स्थिति पर ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ का आक्रोश, पुनर्जीवन अभियान की चेतावनी
ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ ने रायपुर के ऐतिहासिक महाराजबंध तालाब की दयनीय स्थिति पर चिंता जताते हुए शासन-प्रशासन से तत्काल सफाई, गहरीकरण और पुनर्जीवन कार्य शुरू करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि एक माह में कार्रवाई नहीं हुई, तो 11 दिसंबर से नागरिकों के सहयोग से “महाराजबंध तालाब पुनर्जीवन अभियान” शुरू किया जाएगा।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। कभी तालाबों और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध रायपुर शहर आज अपने जलाशयों की दुर्दशा से जूझ रहा है। शहर के बीचोंबीच स्थित महाराजबंध तालाब, जो कलचुरी राजा ब्रह्मदेव के काल में निर्मित हुआ था और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है, आज कचरे, जलकुंभी और प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक बन गया है।
ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ ने तालाब परिसर का निरीक्षण कर इसकी बदहाल स्थिति पर चिंता जताई। संगठन के अध्यक्ष अमिताभ दुबे ने बताया कि तालाब में गंदगी और नालों का दूषित जल लगातार गिर रहा है, जबकि एस.टी.पी. प्लांट वर्षों से निष्क्रिय पड़ा है। सीमांकन न होने से तालाब क्षेत्र में अतिक्रमण बढ़ रहा है और विसर्जन कुंड के अभाव में मूर्तियाँ व झांकियाँ सीधे तालाब में सड़ रही हैं।
प्रशासनिक उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए ग्रीन आर्मी ने कहा कि करोड़ों रुपये की योजनाएँ केवल कागजों में सिमट कर रह गई हैं। परिणामस्वरूप स्थानीय लोग बदबू, मच्छरों और जलजनित बीमारियों से परेशान हैं, और मॉर्निंग वॉक या धार्मिक क्रियाएँ भी कठिन हो गई हैं।
ग्रीन आर्मी की प्रमुख मांगें
संगठन ने शासन-प्रशासन से तालाब का तत्काल गहरीकरण, सफाई और पुनर्जीवन कार्य शुरू करने, नालों का पानी रोकने, एसटीपी प्लांट को पुनः सक्रिय करने, विसर्जन कुंड के निर्माण और नागरिकों की सहभागिता से जनजागरूकता अभियान शुरू करने की मांग की है।
ग्रीन आर्मी ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन 10 दिसंबर 2025 तक ठोस कार्रवाई नहीं करता, तो संगठन 11 दिसंबर 2025 से स्वयं “महाराजबंध तालाब पुनर्जीवन अभियान” आरंभ करेगा।
कार्यक्रम के दौरान ग्रीन आर्मी के 100 से अधिक सदस्यों ने तालाब परिसर का निरीक्षण किया और स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित किया। इस अवसर पर रायपुर जिला अध्यक्ष गुरदीप टुटेजा, ब्लू विंग अध्यक्ष भारती श्रीवास्तव, प्रदेश मीडिया प्रभारी शशिकांत यदु, ब्राउन विंग अध्यक्ष पंडित विनीत शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
ग्रीन आर्मी ने संकल्प लिया कि —
“महाराजबंध तालाब केवल जलाशय नहीं, रायपुर की आस्था, इतिहास और अस्तित्व का प्रतीक है। इसे बचाना सरकार ही नहीं, हर नागरिक की जिम्मेदारी है। हम इस धरोहर को पुनर्जीवित कर आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और जीवंत तालाब सौंपेंगे।