प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सुबह उस समय हुई जब तीनों बहनें नहर में नहाने के लिए गई थीं। अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और तीनों बहनें उसमें बहने लगीं। आसपास मौजूद महिलाओं ने तुरंत साहस दिखाते हुए दो बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि तीसरी बच्ची तेज धारा में बह गई और अब तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है।
लापता बच्ची की पहचान सेजबहार निवासी के रूप में हुई है, जो अपनी बुआ के घर ग्राम पलौद छुट्टियां मनाने आई हुई थी। बताया जा रहा है कि वह अपनी स्कूल की छुट्टियों के दौरान परिवार के साथ समय बिताने के लिए यहां आई थी, लेकिन यह खुशी का समय एक दुखद हादसे में बदल गया।
घटना के बाद से परिजन मौके पर बेहद परेशान और व्याकुल हैं। वे लगातार बच्ची की तलाश कर रहे हैं और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के काफी समय बाद भी पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी, जिससे लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।
यह पूरा मामला राखी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस को मौके पर पहुंचकर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करना चाहिए था, लेकिन देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि संभावना है कि सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम जल्द ही मौके पर पहुंचकर खोजबीन अभियान तेज करेगी।
इस घटना ने एक बार फिर नहरों और जलाशयों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर किया है। खासकर गर्मी के मौसम में बच्चे और युवक-युवतियां नहरों में नहाने जाते हैं, जहां पानी का बहाव अचानक तेज हो सकता है और इस तरह के हादसे हो जाते हैं।
प्रशासन और अभिभावकों के लिए यह जरूरी है कि वे बच्चों को ऐसे स्थानों पर जाने से रोकें और जल स्रोतों के पास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें लापता बच्ची की तलाश पर टिकी हुई हैं और सभी उसकी सुरक्षित बरामदगी की कामना कर रहे हैं।