पुनर्वास केंद्र में देशभक्ति फिल्मों की स्क्रीनिंग शुरू, आत्मसमर्पित माओवादियों में जागी नई सोच

नारायणपुर पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पित माओवादियों के पुनर्वास हेतु हर बुधवार देशभक्ति और प्रेरणादायक फिल्मों का प्रदर्शन शुरू किया गया। ‘बॉर्डर 2’ फिल्म से उनमें मुख्यधारा से जुड़ने की भावना मजबूत हुई।

Feb 5, 2026 - 16:42
Feb 5, 2026 - 16:42
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पुनर्वास केंद्र में देशभक्ति फिल्मों की स्क्रीनिंग शुरू, आत्मसमर्पित माओवादियों में जागी नई सोच

UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों के तहत आत्मसमर्पित माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार सकारात्मक पहल की जा रही है। इसी कड़ी में पुनर्वास केंद्र नारायणपुर में रह रहे आत्मसमर्पित माओवादियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, आवश्यक सुविधाएं, रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार पुनर्वास केंद्र में प्रत्येक बुधवार को प्रोजेक्टर के माध्यम से सामूहिक रूप से देशभक्ति, प्रेरणादायी और ज्ञानवर्धक फिल्मों का प्रदर्शन शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य आत्मसमर्पित माओवादियों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करना, सामाजिक जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें देश-दुनिया की गतिविधियों से परिचित कराना है।

इस क्रम में प्रदर्शित की गई फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने आत्मसमर्पित माओवादियों को गहराई से प्रभावित किया। फिल्म देखने के बाद उनमें देशभक्ति का उत्साह और सकारात्मक सोच स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

आत्मसमर्पित माओवादियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की प्रेरणा दे रही हैं। वर्षों तक देश-दुनिया से कटे रहने के बाद फिल्मों के माध्यम से नई जानकारियां प्राप्त हो रही हैं और उनकी सोच का दायरा भी विस्तृत हो रहा है।

जिला प्रशासन का मानना है कि इस तरह की रचनात्मक और सकारात्मक पहल आत्मसमर्पित माओवादियों के सामाजिक पुनर्वास और मानसिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।