नगरी क्षेत्र में कंडम वाहनों से यात्रियों की ढुलाई, मनमाना किराया व बदसलूकी से लोग परेशान
नगरी–सिहावा क्षेत्र में यात्री वाहनों द्वारा कंडम व बिना दस्तावेज़ वाले वाहनों से सवारी ढोने, अधिक किराया वसूली और विरोध करने पर बदसलूकी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। परिवहन विभाग की नियमित जांच न होने से यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, नगरी। नगरी–सिहावा क्षेत्र में इन दिनों वाहन चालकों की मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है। यात्री बस, टैक्सी और ऑटो चालकों द्वारा न केवल तय दर से अधिक किराया वसूला जा रहा है, बल्कि कई मामलों में यात्रियों के विरोध करने पर उनके साथ बदसलूकी भी की जा रही है। हालात ऐसे हैं कि मजबूरी में यात्रियों को असुरक्षित और कंडम वाहनों से सफर करना पड़ रहा है।
यह मामला धमतरी जिला के नगरी–सिहावा अंचल से जुड़ा है। यात्रियों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से परिवहन विभाग की नियमित जांच नहीं हो रही है, जिसके चलते वाहन चालकों के हौसले बुलंद हैं। कई वाहन ऐसे हैं जिनके पास न तो वैध परमिट है और न ही बीमा, फिर भी वे खुलेआम सड़कों पर यात्रियों को ढो रहे हैं।
यात्री लता बाई और निरजा एल्मा ने बताया कि वे बेलर ढोहला पारा से काकेर जाने वाली बस से साकरा तक पहुंचीं। महज 16 किलोमीटर की दूरी के लिए प्रति सवारी 40 रुपये वसूले गए। विरोध करने पर परिचालक द्वारा बदसलूकी की गई। इसी तरह महिला यात्री रेखा बाई और सुमित्रा बाई ने बताया कि नगरी से साकरा तक लगभग 7 किलोमीटर की दूरी के लिए ऑटो चालक ने 20 रुपये लिए, जबकि तय किराया 10 रुपये होना चाहिए।
यात्री राकेश मरकाम ने बताया कि वे बोरई से उमरगांव गए, जहां 32 किलोमीटर के सफर के लिए 60 रुपये वसूले गए। वहीं साकरा में अरसीकन्हार, सोंढूर और तुमडीबहार से आए यात्रियों ने बताया कि 10 से 15 किलोमीटर के सफर के लिए बस व टैक्सी संचालक 30 रुपये तक वसूल रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है।
नगरी क्षेत्र से साकरा, सिहावा, बेलर, बिरगुड़ी, मैनपुर, गरियाबंद, काकेर, केशकाल, कोण्डागांव, उमरकोट और बोरई जैसे मार्गों पर बड़ी संख्या में बस, टैक्सी और ऑटो संचालित हो रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि बस स्टैंड और प्रमुख स्टॉपेज पर किराए को लेकर विवाद आम बात हो गई है। कई बार एक वाहन चालक से बहस होने पर अन्य चालक भी उसके समर्थन में खड़े हो जाते हैं, जिससे यात्रियों को लौटने तक की नौबत आ जाती है।
क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने बताया कि यह इलाका ओडिशा, बस्तर और गरियाबंद जिले की सीमा से लगा होने के कारण यहां मालवाहक और यात्री वाहन बिना रोक-टोक ओवरलोड और नियमों की अनदेखी करते हुए चलते हैं। कम उम्र के चालक और बिना फिटनेस के वाहन सड़क पर दौड़ रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
इस संबंध में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय धमतरी के मुजाहिद खान ने कहा कि वन-वे में वाहनों की जांच की जा रही है। यदि यात्री वाहनों में अधिक किराया वसूला जा रहा है या नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित वाहन चालकों पर कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि सघन जांच अभियान चलाकर अवैध और कंडम वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।