Dhamtari News : फ्लाईऐश ईंट के बजाय लाल ईंट से निर्माण, ग्राम चमेदा का आंगनबाड़ी भवन दो साल से अधूरा

नगरी विकासखंड के ग्राम चमेदा में स्वीकृत आंगनबाड़ी भवन का निर्माण दो वर्षों से अधूरा है। शासन के मापदंड के अनुसार फ्लाईऐश ईंट के स्थान पर गुणवत्ताहीन लाल ईंट से निर्माण कराए जाने का आरोप है, जिससे भवन की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Feb 13, 2026 - 18:29
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Dhamtari News : फ्लाईऐश ईंट के बजाय लाल ईंट से निर्माण, ग्राम चमेदा का आंगनबाड़ी भवन दो साल से अधूरा

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, नगरी। वनांचल क्षेत्र के ग्राम पंचायत खल्लारी के आश्रित ग्राम चमेदा में स्वीकृत आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कार्य पिछले दो वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार जहां फ्लाईऐश ईंट से निर्माण किया जाना था, वहां ठेकेदार द्वारा घटिया किस्म की लाल ईंट का उपयोग किया जा रहा है। इससे भवन की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।

यह मामला छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला अंतर्गत नगरी विकासखंड से जुड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार वनांचल क्षेत्र होने के कारण यहां पहले से ही बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। लंबे समय से मांग के बाद गांव में आंगनबाड़ी भवन की स्वीकृति मिली थी, ताकि बच्चों और महिलाओं को एक सुरक्षित एवं व्यवस्थित केंद्र मिल सके।

जानकारी के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग की अनुशंसा और ग्रामीणों की मांग पर ग्राम पंचायत खल्लारी के आश्रित ग्राम चमेदा में नए आंगनबाड़ी भवन की स्वीकृति दी गई थी। निर्माण कार्य प्रारंभ तो हुआ, लेकिन शुरुआत से ही निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। फ्लाईऐश ईंट के स्थान पर लाल ईंट से भवन तैयार किया जा रहा है, वह भी ऐसी ईंटें जो निर्माण के दौरान ही कमजोर होकर घुलती नजर आ रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में इस प्रकार के छोटे भवन का निर्माण कुछ महीनों में पूर्ण हो जाना चाहिए था, लेकिन यहां दो वर्ष बीत जाने के बाद भी भवन अधूरा है। बरसात के मौसम में कार्य पूरी तरह ठप हो जाता है और गर्मी में भी निर्माण की गति बेहद धीमी रहती है।

ग्रामीणों ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर बताया कि जब भी घटिया निर्माण की शिकायत की जाती है, तो संबंधित अधिकारी यह कहकर टाल देते हैं कि वनांचल क्षेत्र होने के कारण सामग्री लाने में परेशानी होती है और जैसा बन रहा है, वैसा ही ठीक है। कुछ ग्रामीणों का यह भी कहना है कि बार-बार शिकायत करने पर भविष्य में गांव में कोई और विकास कार्य न मिलने की बात कहकर उन्हें हतोत्साहित किया जाता है।

इस पूरे मामले में जनपद पंचायत नगरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोहित बोर्झा ने कहा कि यदि दो साल से आंगनबाड़ी भवन अधूरा है और निर्माण में लाल ईंट का उपयोग कर गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है, तो इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में दोष पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र जांच कर निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुसार पूर्ण कराया जाए, ताकि बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित व सुविधायुक्त आंगनबाड़ी केंद्र मिल सके।