नगर निगम जोन 10 ने 3 बड़े बकायेदारों के व्यवसायिक परिसरों को किया सीलबंद
रायपुर नगर निगम के जोन 10 राजस्व विभाग ने वर्षों से संपत्तिकर की बकाया राशि जमा नहीं करने वाले तीन बड़े बकायेदारों के व्यवसायिक परिसरों को नियमानुसार सीलबंद किया। संबंधित बकायेदारों को पूर्व में डिमांड नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन राशि जमा नहीं करने पर निगम ने कार्रवाई की। तीनों परिसरों पर कुल लगभग 31.87 लाख रुपये की संपत्तिकर राशि बकाया थी।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 10 राजस्व विभाग द्वारा लंबे समय से संपत्तिकर की बकाया राशि जमा नहीं करने वाले तीन बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। निगम द्वारा संबंधित बकायेदारों को पूर्व में डिमांड नोटिस जारी कर बकाया संपत्तिकर जमा करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद निर्धारित अवधि में बकाया राशि का भुगतान नहीं किए जाने पर संबंधित व्यवसायिक परिसरों को नियमानुसार ताला लगाकर सीलबंद किया गया।
नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के आदेश तथा अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू, उपायुक्त डॉ. अंजलि शर्मा और जोन 10 जोन कमिश्नर मोनेश्वर शर्मा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। जोन 10 के सहायक राजस्व अधिकारी गौरीशंकर साहू सहित राजस्व विभाग के कर्मचारियों की उपस्थिति में संबंधित व्यवसायिक परिसरों पर सीलबंदी की कार्रवाई पूरी की गई।
राजस्व विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्रवाई की जद में आने वाले बकायेदारों में अलास्का इफाटेक प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित प्रीतपाल सिंह बिन्द्रा पर 26,86,890 रुपये की संपत्तिकर राशि बकाया थी। संबंधित व्यवसायिक परिसर कामरेड सुधीर मुखर्जी वार्ड क्रमांक 54 क्षेत्र में स्थित है।
इसी प्रकार बाबू जगजीवन राम वार्ड क्रमांक 53 क्षेत्र में अमित सलूजा पर 1,97,854 रुपये की बकाया राशि थी। इसी वार्ड क्षेत्र में अनिल अग्रवाल पर 2,06,839 रुपये की संपत्तिकर राशि लंबे समय से बकाया थी। इस प्रकार तीनों बड़े बकायेदारों पर कुल 30,91,583 रुपये की संपत्तिकर राशि बकाया थी।
नगर निगम राजस्व विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया कि संपत्तिकर की बकाया राशि जमा नहीं करने वाले बड़े बकायेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। निगम का उद्देश्य राजस्व वसूली व्यवस्था को मजबूत करना और बकाया कर की राशि समय पर जमा करवाना है।
जोन 10 राजस्व विभाग ने संपत्ति करदाताओं से अपील की है कि वे अपने संपत्तिकर सहित अन्य निगम करों की बकाया राशि समय पर जमा करें, ताकि सीलबंदी जैसी कार्रवाई की स्थिति उत्पन्न न हो। निगम द्वारा राजस्व वसूली अभियान के तहत बकायेदारों को नोटिस जारी करने के साथ-साथ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई भी की जा रही है।