CMHO की पहल से दूरस्थ गांव में बीमार बुजुर्ग दंपत्ति को घर पर मिला इलाज, स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई

एमसीबी जिले के भरतपुर विकासखंड के दूरस्थ ग्राम मनटोलिया में रहने वाले बीमार बुजुर्ग दंपत्ति को स्वास्थ्य विभाग ने उनके घर पर पहुंचकर उपचार उपलब्ध कराया। सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे ने सोशल मीडिया और समाचारों में मामला सामने आने के बाद तत्काल विशेष स्वास्थ्य टीम भेजी। टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराईं और नियमित निगरानी के निर्देश दिए।

Jul 3, 2026 - 18:41
Jul 3, 2026 - 19:49
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CMHO की पहल से दूरस्थ गांव में बीमार बुजुर्ग दंपत्ति को घर पर मिला इलाज, स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई

UNITED NEWS OF ASIA. हेमंत कुमार, एमसीबी l मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग की त्वरित और संवेदनशील कार्यशैली का उदाहरण सामने आया है। भरतपुर विकासखंड के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत धोवाताल के आश्रित ग्राम मनटोलिया में रहने वाले एक बुजुर्ग दंपत्ति को घर पर ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए तत्काल विशेष स्वास्थ्य टीम को मौके पर भेजने के निर्देश दिए।

जानकारी के अनुसार ग्राम मनटोलिया निवासी समय लाल पंडो और उनकी पत्नी रूक्मन पंडो लंबे समय से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। दूरस्थ क्षेत्र में रहने और नियमित चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण दोनों को उपचार में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बिना विलंब किए आवश्यक कार्रवाई की।

सीएमएचओ के निर्देश पर गठित विशेष स्वास्थ्य टीम बुजुर्ग दंपत्ति के घर पहुंची और दोनों का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के बाद चिकित्सकों ने आवश्यक उपचार शुरू किया तथा मौके पर ही निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराईं। विभाग के अनुसार समय लाल पंडो उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं और उन्हें नियमित दवाइयां दी जा रही हैं। वहीं रूक्मन पंडो का पूर्व में कुष्ठ रोग का सफल उपचार पूरा हो चुका है। वर्तमान में उन्हें उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने केवल तत्काल उपचार तक ही अपनी जिम्मेदारी सीमित नहीं रखी है, बल्कि दोनों बुजुर्गों की नियमित स्वास्थ्य निगरानी सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश जारी किए हैं। संबंधित चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और मितानिनों को नियमित रूप से उनके घर पहुंचकर स्वास्थ्य की समीक्षा करने, आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपचार सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

इस कार्रवाई के बाद स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग की सराहना की है। उनका कहना है कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचना शासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास जारी रहेंगे।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिले में प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना उसकी प्राथमिकता है। अधिकारियों के अनुसार यदि किसी क्षेत्र में गंभीर मरीजों या स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी की जानकारी मिलती है तो तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसी भी नागरिक को उपचार के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े।