सूत्रों के अनुसार नगरपालिका में बीते कुछ समय से कई कार्य ऐसे हैं, जिनमें पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों पर संदेह जताया जा रहा है। आरोप है कि विकास कार्यों की आड़ में सरकारी धन के दुरुपयोग का सिलसिला लगातार जारी है और इस पूरी व्यवस्था पर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी उंगलियां उठ रही हैं।
डीजल घोटाले का मामला
हाल ही में नगरपालिका में कथित डीजल घोटाले का मामला चर्चा में है। जानकारी के अनुसार सरकारी वाहनों के नाम पर बड़ी मात्रा में डीजल खपत दिखाई गई, जबकि वास्तविक उपयोग को लेकर गंभीर संदेह जताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि ईंधन आपूर्ति में गड़बड़ी और हेराफेरी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
जोड़ा तालाब सौंदर्यीकरण पर सवाल
नगर के जोड़ा तालाब को शहर के मिनी पार्क और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किए जाने की योजना बनाई गई थी। इस कार्य पर लाखों रुपये खर्च किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन वर्तमान स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े करती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि घटिया निर्माण सामग्री और कमजोर कार्य गुणवत्ता के कारण तालाब की दीवार एक ओर से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जिस तालाब को आकर्षण का केंद्र बनना था, वह अब देखरेख के अभाव में बदहाल स्थिति में पहुंच गया है।
दुकान आवंटन में अनियमितता का आरोप
सूत्रों के मुताबिक भ्रष्टाचार के आरोप केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं हैं। दुकान क्रमांक 9 के आवंटन को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए हैं। आरोप है कि बिना वैध अनुबंध और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए लाखों रुपये की कथित अवैध वसूली कर दुकान का आवंटन किया गया। यह मामला नगरपालिका की पारदर्शी कार्यप्रणाली पर सीधा प्रश्नचिह्न लगाता है।
‘ऊंची पहुंच’ का दावा और जनता में नाराजगी
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि सीएमओ पर पूर्व में भी विभिन्न मामलों को लेकर आरोप लग चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। आम नागरिकों के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह पूरा मामला आगे बढ़ रहा है। जनता का कहना है कि नगर के विकास के नाम पर उनके टैक्स के पैसों का सही उपयोग नहीं हो पा रहा है।
आधिकारिक पक्ष का इंतजार
फिलहाल इन सभी आरोपों के संबंध में न तो सीएमओ इशाक खान और न ही किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है। ऐसे में अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराता है या नहीं।
मनेंद्रगढ़ की जनता को उम्मीद है कि पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिम्मेदार स्तर पर पारदर्शी जांच होगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में विकास कार्य वास्तव में जनता के हित में पूरे हो सकें।