टाइगर रिजर्व क्षेत्र के ग्राम करही में महाशिवरात्रि पर बूढ़ादेव मंदिर परिसर में भव्य मेला, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
नगरी क्षेत्र के टाइगर रिजर्व अंतर्गत ग्राम करही में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बूढ़ादेव मंदिर परिसर में पारंपरिक मेले का आयोजन किया गया। सुबह से ही आदिवासी समाज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे और पूरे दिन धार्मिक व सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन हुआ।
UNITED NEWS OF ASIA .रिजवान मेमन , धमतरी | महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर नगरी क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला। क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में शिवभक्तों ने भगवान शंकर की प्रतिमा, मंदिरों एवं नंदी की विधिवत पूजा-अर्चना कर पर्व को बड़े ही उत्साह और आस्था के साथ मनाया। कई गांवों में मेले और भंडारे का आयोजन किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की।
इसी क्रम में टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम करही में महाशिवरात्रि के अवसर पर पारंपरिक मेले का आयोजन किया गया। यह मेला ग्राम स्थित प्रसिद्ध बूढ़ादेव मंदिर करही परिसर में आयोजित हुआ, जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामवासियों ने बताया कि करही गांव टाइगर रिजर्व से लगे क्षेत्र में स्थित है और यहां हर वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर बूढ़ादेव मंदिर में विशेष मेला आयोजित किया जाता है। इस मेले का क्षेत्र के आदिवासी समाज को पूरे वर्ष बेसब्री से इंतजार रहता है। पर्व के दिन सुबह से ही आसपास के गांवों से लोग मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ देवी-देवताओं की परिक्रमा कर मेले की शुरुआत की जाती है।
ग्राम पंचायत करही के सरपंच बिरबल पदमाकर, चंद्रकुमार अग्रवानी, लक्ष्मीनाथ मरकाम एवं दुलारू राम मरकाम ने बताया कि यह मेला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि आदिवासी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का माध्यम भी है। मेले में क्षेत्र के देवी-देवताओं की विशेष पूजा की जाती है और पूरे विधि-विधान के साथ आयोजन संपन्न होता है।
मेले में बच्चों, महिलाओं और युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया। मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में दुकानें सजाई गईं, जहां पूजा सामग्री, खिलौने एवं खानपान की व्यवस्था रही। दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा और पूरा क्षेत्र भक्ति व उल्लास के माहौल से सराबोर रहा।
रात्रि के समय श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रमुख रूप से दीनदयाल मरकाम, राजेन्द्र पर्दे, चैन सिंग, धनेश मरकाम, सुखचंद मरकाम, दिनेश नेताम, आसूलाल मरकाम, दिवस नेताम, अजय मरकाम, हिम्मत नेताम, गणेश मरकाम, दयाराम पटेल, चमन प्रजापति, गजेन्द्र पदमाकर एवं ईश्वर पदमाकर सहित अनेक ग्रामीणों का सक्रिय सहयोग रहा।
ग्रामीणों ने बताया कि बूढ़ादेव मंदिर में आयोजित यह मेला क्षेत्र की आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर ग्राम करही में आयोजित मेले ने पूरे क्षेत्र को भक्ति और सांस्कृतिक रंग में रंग दिया।