क्लब मिथ्या के संचालक पर पुलिस की सख्त कार्यवाही, तय समय से अधिक संचालन पर मैनेजर गिरफ्तार
रायपुर के वीआईपी रोड स्थित क्लब मिथ्या को तय समय से अधिक देर तक संचालित करने पर तेलीबांधा थाना पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए क्लब के मैनेजर को गिरफ्तार किया है। साथ ही संस्थान का गुमाश्ता लाइसेंस निरस्त करने के लिए प्रतिवेदन वरिष्ठ कार्यालय को भेजा गया है।
UNITED NEWS OF ASIA .हसीब अख्तर ,रायपुर | कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद होटल, ढाबा, बार, कैफे, क्लब एवं पब संचालकों के लिए शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराने हेतु पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना क्षेत्र में देर रात तक संचालित पाए गए एक क्लब पर सख्त कदम उठाया गया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना तेलीबांधा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सभी प्रतिष्ठानों को रात्रि 12:00 बजे तक अनिवार्य रूप से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों के पालन को लेकर नियमित रूप से रात्रिकालीन चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है
दिनांक 15 फरवरी 2026 की रात्रि चेकिंग के दौरान वीआईपी रोड स्थित क्लब मिथ्या निर्धारित समय से अधिक देर तक संचालित पाया गया। जांच में सामने आया कि क्लब रात्रि लगभग 12.50 बजे तक खुला हुआ था, जो शासन एवं पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है।
मामले में क्लब के मैनेजर फैकी महु पिता पीयूष महु, उम्र 29 वर्ष, निवासी विशाल नगर, तेलीबांधा के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक धाराओं 170/125, 135 एवं 3(1) बीएनएसएस के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा इस्तगाशा तैयार कर आरोपी को एसडीएम न्यायालय रायपुर में प्रस्तुत किया गया।
इसके साथ ही संबंधित संस्थान के गुमाश्ता लाइसेंस को निरस्त करने के लिए प्रतिवेदन भी तैयार किया गया है, जिसे वरिष्ठ कार्यालय के माध्यम से लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया हेतु भेजा जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इससे पूर्व भी दिनांक 01 फरवरी 2026 को चेकिंग के दौरान यही क्लब समय-सीमा का उल्लंघन करते हुए संचालित पाया गया था। उस समय भी क्लब के गुमाश्ता लाइसेंस को निरस्त करने के लिए प्रतिवेदन तैयार कर वरिष्ठ कार्यालय को भेजा गया था।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कमिश्नरेट क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और रात्रिकालीन गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए सभी होटल, क्लब एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को तय समय-सीमा का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। निर्देशों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।