महासमुंद में स्कूली छात्रों ने जाना वरिष्ठजनों का महत्व, बुजुर्गों का किया सम्मान

महासमुंद में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर कर्मा विद्यालय के छात्रों ने वरिष्ठजनों के जीवन में महत्व और उनके अनुभवों को समझा। शाला परिवार ने माता कौशल्या वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा संचालित वरिष्ठजन सेवा सदन में आश्रयरत बुजुर्गों से मुलाकात कर उनका सम्मान किया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने बुजुर्गों से बातचीत कर उनके प्रति सम्मान और अपनत्व की भावना व्यक्त की।

Oct 2, 2026 - 19:25
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महासमुंद में स्कूली छात्रों ने जाना वरिष्ठजनों का महत्व, बुजुर्गों का किया सम्मान

UNITED NEWS OF ASIA. महासमुंद। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर कर्मा विद्यालय द्वारा वरिष्ठजनों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यालय के स्कूली छात्रों ने अपने जीवन में वरिष्ठजनों के महत्व को समझा और उनके अनुभवों, संस्कारों तथा समाज में योगदान के बारे में जानकारी प्राप्त की। शाला परिवार की ओर से माता कौशल्या वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा संचालित वरिष्ठजन सेवा सदन में आश्रयरत बुजुर्गों का गरिमामय कार्यक्रम के दौरान सम्मान किया गया।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों और शाला परिवार के सदस्यों ने वरिष्ठजन सेवा सदन पहुंचकर वहां रह रहे बुजुर्गों से आत्मीय मुलाकात की। छात्रों ने वरिष्ठजनों से बातचीत की और उनके जीवन के अनुभवों को जानने का प्रयास किया। इस दौरान बच्चों ने बुजुर्गों के प्रति सम्मान, अपनत्व और संवेदनशीलता की भावना व्यक्त की।

कार्यक्रम में माता कौशल्या वेलफेयर फाउंडेशन की संचालिका उषा साहू ने वरिष्ठजनों के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके जीवन के अनुभव, संस्कार और सीख आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों की सेवा केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय दायित्व भी है।

उषा साहू ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से वरिष्ठजनों को अपनत्व और सम्मान का एहसास होता है। साथ ही बच्चों में भी संस्कार, संवेदनशीलता और सेवा भावना विकसित होती है। उन्होंने वरिष्ठजनों के सम्मान के लिए कार्यक्रम आयोजित करने पर कर्मा विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्रों ने बुजुर्गों के साथ समय बिताया और उनके साथ संवाद किया। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि परिवार और समाज में वरिष्ठजनों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है। उनके अनुभव और जीवन से मिली सीख युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का माध्यम बन सकती है।

कार्यक्रम में आत्मानंद विद्यालय समोदा के प्रिंसिपल शैलेंद्र कुमार पटले, विद्यालय संचालक नंदकुमार साहू, श्याम हॉस्पिटल के संचालक डॉ. जितेंद्र साहू, रामकृत साहू, प्रिंसिपल नम्रता देवांगन सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे। इसके अलावा पूजा साहू, टिकेश्वरी मानिकपुरी, सुमन चक्रधारी, वंदना साहू, संजना साहू, इंदु साहू, पुष्पा साहू, सावित्री साहू और पूर्णिमा साहू ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

वरिष्ठजन सेवा सदन की केयरटेकर सरोजनी सोनी और यशोदा सेन सहित अन्य लोगों की भी कार्यक्रम में सहभागिता रही। कार्यक्रम के माध्यम से वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान और सेवा भावना का संदेश दिया गया।

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों और वरिष्ठजनों के बीच संवाद का माध्यम बना। छात्रों ने बुजुर्गों के साथ समय बिताकर उनके अनुभवों को जाना और उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। वहीं, शाला परिवार ने वरिष्ठजनों के सम्मान और सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देने की पहल की।