खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने गंजपारा स्थित दो व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया। जांच के दौरान मेसर्स मनभावन एजेंसी एवं मेसर्स हरीश जनरल स्टोर में बड़ी मात्रा में ‘पान पसंद’ ब्रांड के संभावित गुटखा उत्पाद पाए गए।
टीम द्वारा मेसर्स मनभावन एजेंसी से कुल 08 बोरी ‘पान पसंद’ (कुल 276 पैकेट) संभावित गुटखा अभिग्रहित (जब्त) किया गया। वहीं मेसर्स हरीश जनरल स्टोर से 01 बोरी ‘पान पसंद’ संभावित गुटखा सीज किया गया। इस प्रकार कार्रवाई के दौरान कुल 09 बोरी गुटखा जब्त कर विधिवत अभिरक्षा में लिया गया।
कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती रोशनी राजपूत एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री शंखनाद भोई द्वारा नियमानुसार नमूना संकलन की प्रक्रिया पूरी की गई। सभी नमूनों को सील कर विधिवत दस्तावेजी कार्यवाही के साथ परीक्षण के लिए भेजा गया है।
इस संबंध में अभिहित अधिकारी उमेश वर्मा ने बताया कि जब्त किए गए सभी नमूनों को खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रयोगशाला से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि जब्त सामग्री गुटखा अथवा प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद की श्रेणी में आती है या नहीं। रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात संबंधित फर्मों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में गुटखा एवं अन्य प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों के भंडारण और विक्रय की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए गंजपारा जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। विभाग की टीम द्वारा बिना पूर्व सूचना के यह निरीक्षण किया गया, ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य की दृष्टि से गुटखा एवं तंबाकू उत्पाद अत्यंत हानिकारक हैं, विशेषकर युवा वर्ग पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है। शासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।
यह पूरी कार्रवाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगे भी जिलेभर में इसी प्रकार औचक निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं गुटखा अथवा अन्य प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री या भंडारण की जानकारी मिले, तो तुरंत विभाग या नजदीकी प्रशासनिक इकाई को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।