कुँवरगढ़ महोत्सव से इतिहास का पुनर्जागरण: तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव की भव्य शुरुआत

धरसीवां क्षेत्र में पहली बार आयोजित होने जा रहा तीन दिवसीय ‘कुँवरगढ़ महोत्सव’ स्थानीय इतिहास, कला और संस्कृति को नई पहचान देने का प्रयास है, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे।

Mar 31, 2026 - 11:45
 0  2
कुँवरगढ़ महोत्सव से इतिहास का पुनर्जागरण: तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव की भव्य शुरुआत

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह।  छत्तीसगढ़ के धरसीवां क्षेत्र की ऐतिहासिक नगरी कुँवरगढ़ अब अपने गौरवशाली अतीत को नए रूप में प्रस्तुत करने जा रही है। क्षेत्रीय विधायक अनुज शर्मा की पहल पर पहली बार ‘कुँवरगढ़ महोत्सव’ का भव्य आयोजन 31 मार्च से 2 अप्रैल तक किया जा रहा है। यह आयोजन न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस तीन दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किया जाएगा। यह आयोजन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण साबित होने जा रहा है, क्योंकि पहली बार इतने बड़े स्तर पर कुँवरगढ़ की पहचान को मंच दिया जा रहा है।

महोत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। लगभग 15 प्रसिद्ध लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य और लोक कलाओं की विविधता इस आयोजन की विशेष आकर्षण होगी, जिससे दर्शकों को राज्य की सांस्कृतिक धरोहर से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।

इस आयोजन की खास बात यह भी है कि इसमें केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि एक विशाल मेला और व्यापार मेला भी लगाया जाएगा। इससे स्थानीय व्यापारियों, कारीगरों और स्व-सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर मिलेगा। यह पहल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।

कुँवरगढ़ क्षेत्र के लोगों में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यह महोत्सव उनके इतिहास और संस्कृति को नई पहचान दिलाने का माध्यम बनेगा। वर्षों से उपेक्षित पड़े इस ऐतिहासिक क्षेत्र को अब एक नया मंच मिल रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ी अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ सकेगी।

विधायक अनुज शर्मा ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे इस महोत्सव में अपने परिवार के साथ शामिल होकर इसे ऐतिहासिक बनाएं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करने का प्रयास है।

यह महोत्सव पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि बाहरी पर्यटकों का भी आगमन बढ़ेगा, जिससे क्षेत्र की पहचान और भी मजबूत होगी।

कुल मिलाकर, ‘कुँवरगढ़ महोत्सव’ केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि एक ऐसे अभियान की शुरुआत है, जो इतिहास, संस्कृति और विकास को एक साथ जोड़ता है। यह आयोजन आने वाले समय में कुँवरगढ़ को नई पहचान दिलाने और क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।