पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा के कार्यालय में एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी का आत्मीय स्वागत
रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित कार्यालय में पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा द्वारा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरजिंदर सिंह धामी का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस दौरान सामाजिक सेवा, जनसंपर्क और “दवाई का लंगर” जैसी पहल की सराहना की गई।
UNITED NEWS OF ASIA . अमृतेश्वर सिंह , रायपुर | आज देवेंद्र नगर स्थित कार्यालय में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा द्वारा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरजिंदर सिंह धामी का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर अमृतसर से पधारे बलविंदर सिंह एवं सतबीर सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ, जहां समाजसेवा, जनसंपर्क और जनहित के विषयों पर चर्चा की गई।
इस दौरान सरदार हरजिंदर सिंह धामी ने पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा की सादगीपूर्ण कार्यशैली और जनसुलभ बैठकों की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस सहजता और आत्मीयता से श्री जुनेजा आम नागरिकों से रूबरू होते हैं और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं, वह वर्तमान समय में जनप्रतिनिधियों के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण है।
धामी जी ने जुनेजा द्वारा निरंतर संचालित की जा रही “दवाई का लंगर” जैसी सेवा पहल की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराना न केवल मानवीय संवेदना का परिचायक है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के लिए एक मजबूत सहारा भी है। ऐसी पहलें सामाजिक समरसता को बढ़ावा देती हैं और सेवा भावना को नई दिशा देती हैं।
पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा ने अपने संबोधन में कहा कि उनका सदैव प्रयास रहा है कि आम नागरिकों को बिना किसी औपचारिकता के अपनी बात रखने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि जनसेवा उनके सार्वजनिक जीवन का मूल उद्देश्य रहा है और आगे भी इसी भावना के साथ सामाजिक कार्यों को निरंतर जारी रखा जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान सरदार गुरमुख सिंह होरा, बलदेव सिंह भाटिया, गुरुचरण सिंह होरा, इंदरजीत छाबड़ा, कुलदीप चावला, सुरेंद्र छाबड़ा, बलजीत भाटिया, कल्याण पासरीजा एवं दलजीत चावला सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सामाजिक सौहार्द और सेवा कार्यों की सराहना की।
उल्लेखनीय है कि पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा द्वारा संचालित जनसेवी गतिविधियां, विशेषकर “दवाई का लंगर”, शहर में जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बन रही हैं। इस अवसर पर उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों ने इस पहल को समाज के लिए अनुकरणीय बताते हुए भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।