कोरबा में पर्यटकों ने बचाया किंग कोबरा, वन विभाग ने सुरक्षित छोड़ा प्राकृतिक आवास में

कोरबा जिले के अजगरबाहर गांव में सतरेंगा पर्यटन स्थल से लौट रहे पर्यटकों ने रोड पार कर रहे 10 फीट लंबे किंग कोबरा को गाड़ी से बचाया। वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर सांप को सुरक्षित थैले में बंद कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा। डीएफओ कुमार निशांत ने बताया कि किंग कोबरा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 के तहत संरक्षित है और इंसान पर केवल खतरा महसूस होने पर हमला करता है।

Sep 24, 2025 - 12:58
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कोरबा में पर्यटकों ने बचाया किंग कोबरा, वन विभाग ने सुरक्षित छोड़ा प्राकृतिक आवास में

UNITED NEWS OF ASIA. भूपेन्द्र साहू, कोरबा। जिले के सतरेंगा पर्यटन स्थल से लौट रहे पर्यटकों की सतर्कता और संवेदनशीलता के कारण एक 10 फीट लंबे किंग कोबरा को सड़क पर दुर्घटना से बचाया गया। अजगरबाहर गांव के पास किंग कोबरा सड़क पार कर रहा था, तभी पर्यटकों ने तुरंत गाड़ी रोककर सांप को सुरक्षित किनारे झाड़ी में छुपने का अवसर दिया।

भीड़ इकट्ठा होने और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए, वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू टीम का नेतृत्व जितेंद्र सारथी ने किया, डीएफओ कुमार निशांत, एसडीओ आशीष खेलवार एवं सुर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में करीब आधे घंटे तक किंग कोबरा का सावधानीपूर्वक रेस्क्यू किया गया।

रेस्क्यू अभियान के दौरान किंग कोबरा ने बार-बार फुफकार की, लेकिन धैर्यपूर्वक काम करते हुए उसे सुरक्षित थैले में बंद कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया। इस मौके पर पर्यटक, ग्रामीण और वन विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।

डीएफओ कुमार निशांत ने कहा, "वन्य जीव हमारे पर्यावरण और जीवन के लिए आवश्यक हैं। किंग कोबरा जैसी दुर्लभ प्रजातियाँ जैव-विविधता की धरोहर हैं। यह केवल खतरा महसूस होने पर आक्रामक होता है और इसे मारना या नुकसान पहुँचाना कानूनन अपराध है।"

किंग कोबरा दुनिया का सबसे लंबा विषधारी सांप है, जिसकी लंबाई 20 फीट तक हो सकती है। यह अन्य सांपों को खाकर उनकी जनसंख्या नियंत्रित करता है और अपनी मातृत्व प्रवृत्ति में अद्वितीय है।

वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी लगातार जनजागरूकता अभियान और रेस्क्यू अभियानों के माध्यम से संदेश दे रहे हैं कि इंसान और सांप का सह-अस्तित्व संरक्षण की दिशा में सबसे बड़ी पहल है।