कोरबा में कबाड़ कारोबार को लेकर शिकायत से हड़कंप, अवैध गोदाम और चोरी के लोहे की जांच की मांग
कोरबा में कथित अवैध कबाड़ कारोबार और चोरी के लोहे की खरीद-फरोख्त को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता ने SECL, BALCO, NTPC और CSEB के प्रतिष्ठानों से चोरी की सामग्री के कथित नेटवर्क की जांच की मांग की है। टीपी नगर में संदिग्ध कबाड़ से लदे ट्रक की सूचना पर तत्काल कार्रवाई की मांग भी की गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप राव, कोरबा l जिले में कथित अवैध कबाड़ कारोबार और चोरी के लोहे की खरीद-फरोख्त को लेकर पुलिस अधीक्षक से की गई शिकायत के बाद हलचल बढ़ गई है। शहर निवासी गुलाम मेमन ने जिला पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर कुछ कबाड़ कारोबारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में चोरी के लोहे और अन्य धातुओं की खरीद-बिक्री, औद्योगिक प्रतिष्ठानों से कथित चोरी तथा अवैध गोदामों में संदिग्ध सामग्री जमा कर दूसरे जिलों में भेजे जाने की जांच की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि कोरबा में कथित रूप से एक नेटवर्क सक्रिय है, जिसके जरिए SECL की खदानों सहित BALCO, NTPC और CSEB के औद्योगिक प्रतिष्ठानों से लोहे, तांबे, एल्युमिनियम और अन्य सामग्री की चोरी कराए जाने के बाद उसकी खरीद-फरोख्त की जाती है। इन आरोपों की फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
टीपी नगर में ट्रक लोड होने का दावा
शिकायत में 18 अगस्त 2026 को टीपी नगर स्थित राजू होटल के पास एक कथित अवैध कबाड़ गोदाम से चोरी के कबाड़ को ट्रक में लोड किए जाने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, संदिग्ध कबाड़ को चांपा और रायगढ़ की ओर भेजने की तैयारी थी। उन्होंने पुलिस से मौके पर तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में रवि साहू, राजेश साहू और दीपक साहू सहित कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भी आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि चोरी की सामग्री को अलग-अलग कबाड़ ठिकानों पर एकत्र करने के बाद दूसरे जिलों में स्थित स्क्रैप फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जाता है।
पुलिस संरक्षण के भी आरोप
शिकायतकर्ता ने कुछ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर कथित रूप से संरक्षण देने के आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए संदिग्ध व्यक्तियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप संपर्क, कथित लेन-देन और कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। मानिकपुर और बाल्को क्षेत्र में कथित चोरी के नेटवर्क का भी शिकायत में उल्लेख किया गया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि अवैध कबाड़ कारोबार के कारण शहर में चोरी की घटनाओं को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने घरों के बाहर खड़े वाहनों, लोहे के दरवाजे-खिड़कियों और अन्य धातु सामग्री की चोरी की घटनाओं पर भी चिंता जताई है।
संपत्ति और कारोबार की जांच की मांग
शिकायत में संबंधित कबाड़ कारोबारियों की संपत्ति, गोदाम, वाहन, बैंकिंग लेन-देन और स्क्रैप खरीद-बिक्री के दस्तावेजों की जांच की मांग की गई है। शिकायत की प्रतियां जिला कलेक्टर, पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर और GST विभाग को भेजे जाने का भी उल्लेख है।
फिलहाल शिकायत में लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता के दावे हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। यदि पुलिस कथित गोदाम की जांच करती है या संदिग्ध सामग्री बरामद होती है, तो मामले में आगे की स्थिति साफ हो सकती है।