कोरबा में घर के अंदर बाइक में छिपा मिला कोबरा, रेस्क्यू टीम ने बचाई जान

कोरबा के नक्तिखार क्षेत्र में एक घर के अंदर बाइक में छिपा कोबरा मिलने से हड़कंप मच गया, जिसे RCRS टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।

Apr 9, 2026 - 13:43
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कोरबा में घर के अंदर बाइक में छिपा मिला कोबरा, रेस्क्यू टीम ने बचाई जान

UNITED NEWS OF ASIA.  भूपेंद्र साहू,कोरबा।  कोरबा जिले के नक्तिखार क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसने स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया। बीती रात करीब 11 बजे दीपक एक्का के घर में खड़ी बाइक के अंदर एक खतरनाक कोबरा सांप छिपा हुआ मिला। जैसे ही परिवार के सदस्यों की नजर उस पर पड़ी, घर में अफरा-तफरी मच गई।

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए परिजनों ने तुरंत Reptile Care and Rescuer Society (RCRS) की टीम को सूचना दी। सूचना मिलते ही टीम के सदस्य अजय, तिलक और सतेंद्र बिना समय गंवाए मौके पर पहुंच गए और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

सबसे पहले टीम ने घर के सभी सदस्यों को सुरक्षित दूरी पर हटाया, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। इसके बाद अनुभवी रेस्क्यूर अजय ने बेहद सावधानी और पेशेवर तरीके से बाइक के अंदर छिपे कोबरा को बाहर निकाला। पूरे ऑपरेशन के दौरान टीम ने सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया।

रेस्क्यू के बाद कोबरा को सुरक्षित तरीके से पकड़ा गया और उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ने की प्रक्रिया अपनाई गई। इस सफल रेस्क्यू के बाद घर के लोगों ने राहत की सांस ली और RCRS टीम का आभार व्यक्त किया।

विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी के मौसम में सांप अक्सर ठंडी और सुरक्षित जगहों की तलाश में घरों या वाहनों के अंदर छिप जाते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होती है, खासकर रात के समय जब सांप अधिक सक्रिय होते हैं।

RCRS टीम ने आम जनता से अपील की है कि यदि घर या आसपास कहीं भी सांप या अन्य वन्यजीव दिखाई दे, तो घबराएं नहीं और न ही उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करें। ऐसा करने से स्थिति और अधिक खतरनाक हो सकती है। इसके बजाय तुरंत विशेषज्ञ टीम या वन विभाग को सूचना दें, ताकि सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जा सके।

टीम ने यह भी बताया कि कई बार लोग डर के कारण गलत कदम उठा लेते हैं, जिससे न केवल उनकी जान को खतरा होता है, बल्कि वन्यजीवों को भी नुकसान पहुंचता है। इसलिए जागरूकता और सही समय पर कार्रवाई बेहद जरूरी है।

RCRS ने आपात स्थिति में संपर्क के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जिन पर कॉल कर तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है।

यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि सतर्कता और सही समय पर उठाया गया कदम बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकता है। साथ ही यह भी जरूरी है कि हम वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील रहें और उन्हें सुरक्षित तरीके से उनके प्राकृतिक वातावरण में वापस भेजने में सहयोग करें।