कोरबा में आंगनबाड़ी निर्माण पर सवाल: घटिया गुणवत्ता के आरोप, बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता
कोरबा नगर निगम के वार्ड 14 में बन रहे आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों ने घटिया सामग्री और नियमों की अनदेखी के आरोप लगाए हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 14 (अमरैयापारा और चिमनी भट्ठा) में बन रहे आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। इन निर्माणों की गुणवत्ता पर संदेह जताते हुए नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
स्थानीय लोगों और पूर्व पार्षद टीकम राठौर के अनुसार, निर्माण कार्य में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि ईंट, सीमेंट और रेत जैसी बुनियादी सामग्री में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। कुछ स्थानों पर पुराने और जर्जर ईंटों के उपयोग की भी बात कही जा रही है, जिससे भवन की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
तकनीकी स्तर पर भी कई कमियां सामने आने का दावा किया गया है। बताया जा रहा है कि कॉलम निर्माण में आवश्यक स्पेसिफिकेशन का पालन नहीं किया गया, वहीं ग्राउंड बीम से पहले उचित फिलिंग और कंपैक्शन की प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई। इससे भविष्य में फ्लोर धंसने या संरचना कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कंक्रीट निर्माण में तराई (curing) बेहद जरूरी होती है, खासकर गर्मी के मौसम में जूट बैग या अन्य माध्यम से नमी बनाए रखना आवश्यक होता है। आरोप है कि इन जरूरी प्रक्रियाओं की भी अनदेखी की जा रही है।
इस मामले को लेकर वार्डवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कुछ लोगों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि यदि गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया, तो वे निर्माण कार्य का विरोध करेंगे।
यह वही आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जहां छोटे बच्चे रोज आते-जाते हैं। ऐसे में निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे तौर पर उनकी सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बन जाता है।
वहीं, इस पूरे मामले में संबंधित विभाग और अधिकारियों की ओर से अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय स्तर पर यह मांग उठ रही है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, यह मामला बच्चों की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है, जिस पर प्रशासनिक हस्तक्षेप की आवश्यकता महसूस की जा रही है।