खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी पर गर्व: CM विष्णु देव साय, केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे से मुलाकात में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने पर जोर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे से मुलाकात के दौरान खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की मेजबानी को प्रदेश के लिए गर्व बताया। उन्होंने बस्तर और सरगुजा के खेल आयोजनों के जरिए प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने की बात कही।

Apr 1, 2026 - 15:58
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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी पर गर्व: CM विष्णु देव साय, केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे से मुलाकात में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा। छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास और आदिवासी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की मेजबानी को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे से सौजन्य मुलाकात कर राज्य में खेलों के विस्तार और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की।

यह मुलाकात मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, रायपुर में हुई, जहां दोनों नेताओं ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के महत्व और इसके दूरगामी प्रभावों पर विचार साझा किए। इस दौरान विधायक पुरंदर मिश्रा, भारतीय खेल प्राधिकरण के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव और खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर कला से निर्मित प्रतिकृति और बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भेंट की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें सही अवसर और मंच प्रदान करने की है। राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है और खेल व सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक का उल्लेख करते हुए कहा कि इन आयोजनों ने प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। इनसे बड़ी संख्या में प्रतिभाएं सामने आई हैं, जिनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है। सरकार अब इन प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने पर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी प्रदेश के लिए गर्व का विषय है और इससे विशेषकर बस्तर और आदिवासी अंचलों के युवाओं में नई ऊर्जा का संचार होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बस्तर क्षेत्र अब मुख्यधारा से तेजी से जुड़ रहा है और शांति स्थापित होने के बाद खेलों में युवाओं की भागीदारी और बढ़ेगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर पंडुम का भी जिक्र किया, जिसमें पारंपरिक खेल, कला और संस्कृति की 12 विधाओं में लगभग 54 हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। यह आयोजन राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और खेल विरासत का प्रतीक बनकर उभरा है।

केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे ने जगदलपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 को आदिवासी सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोजने और उन्हें राष्ट्रीय मंच देने में अहम भूमिका निभाते हैं।

इस प्रकार, छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को नई पहचान दे रहा है, बल्कि राज्य को खेल और संस्कृति के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से स्थापित भी कर रहा है।