रेस्टोरेंट-डेयरी संचालकों पर नगर पालिका की सख्ती, एनालॉग पनीर मिला तो होगी कड़ी कार्रवाई
नगर पालिका परिषद कवर्धा ने रेस्टोरेंट और डेयरी संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता नियमों के पालन के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रतिबंधित एनालॉग पनीर मिलने पर वैधानिक कार्रवाई होगी। संचालकों को सप्ताह में चार दिन प्रतिष्ठान की सफाई का जियो-टैग फोटो-वीडियो नगर पालिका को उपलब्ध कराना होगा।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े दिशा-निर्देशों के पालन को लेकर नगर पालिका परिषद कवर्धा ने शहर के सभी रेस्टोरेंट और डेयरी संचालकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि एनालॉग यानी गैर-दुग्ध पनीर अथवा ऐसे गैर-दुग्ध उत्पाद, जिन्हें वास्तविक दुग्ध उत्पाद के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, का निर्माण, भंडारण, बिक्री, उपयोग या वितरण पाए जाने पर संबंधित संचालक के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी नारायण साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 31 जुलाई 2026 को जारी राजपत्र क्रमांक 424 के निर्देशों के तहत एनालॉग पनीर और ऐसे अन्य गैर-दुग्ध उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया गया है, जिन्हें वास्तविक दुग्ध उत्पाद के तौर पर प्रस्तुत किया जाता है। इसी के तहत शहर के रेस्टोरेंट और डेयरी संचालकों को पत्र जारी कर प्रतिबंधित उत्पादों का निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण, विक्रय या उपयोग नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर पालिका ने चेतावनी दी है कि निरीक्षण के दौरान किसी प्रतिष्ठान में प्रतिबंधित एनालॉग पनीर या अन्य प्रतिबंधित खाद्य सामग्री मिलने पर संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा प्रचलित नियमों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही नगर पालिका ने प्रतिष्ठानों में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए हैं। रेस्टोरेंट और डेयरी संचालकों को किचन, खाद्य निर्माण स्थल, भंडारण क्षेत्र और पूरे परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित करनी होगी। प्रत्येक प्रतिष्ठान को सप्ताह में कम से कम चार दिन की सफाई का जियो-टैग युक्त फोटो और वीडियो तैयार कर नगर पालिका परिषद कवर्धा को उपलब्ध कराना होगा।
नगर पालिका एवं संबंधित विभाग की टीम द्वारा किसी भी समय रेस्टोरेंट और डेयरी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान गंदगी, अस्वच्छता, खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन अथवा प्रतिबंधित खाद्य उत्पाद पाए जाने पर संबंधित संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिका के निर्देशों के बाद अब संचालकों को केवल सफाई व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि नियमित सफाई का प्रमाण भी उपलब्ध कराना होगा। निर्धारित समय पर जियो-टैग फोटो-वीडियो उपलब्ध नहीं कराने या अन्य नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित प्रतिष्ठान की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
नगर पालिका परिषद कवर्धा अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने रेस्टोरेंट और डेयरी संचालकों से शासन के निर्देशों का गंभीरता से पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठानों में गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री का उपयोग किया जाए और किचन एवं परिसर को पूरी तरह स्वच्छ रखा जाए। नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।