कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में ललित चंद्राकर तथा नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मंचासीन रहे। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से प्रतिमा का अनावरण कर कवर्धावासियों और चंद्रनाहु कुर्मी समाज को एक ऐतिहासिक सौगात प्रदान की।
मुख्य अतिथि विजय शर्मा ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि शिवाजी चौक में स्थापित यह भव्य प्रतिमा शौर्य और स्वाभिमान का प्रतीक बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि यह स्थल विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। शिवाजी महाराज का जीवन यह सिखाता है कि यदि संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उन्होंने महिलाओं के सम्मान, प्रजा के हितों की रक्षा, न्यायपूर्ण शासन और धार्मिक सहिष्णुता की परंपरा को आज के समाज के लिए मार्गदर्शक बताया।
विजय शर्मा ने कहा कि आज की पीढ़ी को शिवाजी महाराज के जीवन से प्रेरणा लेकर अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की भावना विकसित करनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि कवर्धा शहर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण का कार्य तेज गति से किया जा रहा है, जिससे शहर की एक अलग पहचान बन सके।
उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि शिवाजी चौक के साथ-साथ वीर स्तंभ चौक का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इसके अलावा रायपुर–राजनांदगांव बायपास मार्ग में सहस्त्र बाहु चौक, राजनांदगांव–रायपुर बायपास चौक में संत कबीर चौक, संत गाडगे चौक तथा करपात्री जी महाराज चौक के निर्माण हेतु 20-20 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। वहीं शहर के बुजुर्गों के लिए सियान सदन निर्माण हेतु 30 लाख रुपये की राशि भी स्वीकृत की जा चुकी है।
नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की यह प्रतिमा कवर्धा के लिए आदर्श और प्रेरणा का केन्द्र बनेगी। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज के विचारों को पढ़कर और समझकर युवाओं को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जब देश में मुगल सम्राट औरंगज़ेब का प्रभाव चरम पर था, तब शिवाजी महाराज ने अद्भुत साहस, रणनीति और गुरिल्ला युद्ध कौशल से मुगल साम्राज्य को कड़ी चुनौती दी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। छत्रपति शिवाजी चौक का लोकार्पण कवर्धा शहर के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गौरव में एक नया अध्याय जोड़ने वाला सिद्ध हुआ।