करही गोलीकांड का खुलासा, “ऑपरेशन हंट” में 3 आरोपी गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा पुलिस ने चर्चित करही गोलीकांड मामले का खुलासा करते हुए “ऑपरेशन हंट” के तहत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आर्थिक विवाद, व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा और आपसी द्वेष के चलते हत्या की साजिश रची गई थी।

May 24, 2026 - 11:36
 0  2
करही गोलीकांड का खुलासा, “ऑपरेशन हंट” में 3 आरोपी गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA.  जांजगीर-चांपा जिले के चर्चित करही गोलीकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लगभग एक महीने तक चली गहन जांच और विशेष अभियान “ऑपरेशन हंट” के तहत पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार हत्या की वारदात आर्थिक विवाद, व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा और आपसी द्वेष के चलते अंजाम दी गई थी।

गिरफ्तार आरोपियों में हेमंत कुमार बघेल, भूषण बघेल और अमित टंडन शामिल हैं। तीनों आरोपी ग्राम करही और आसपास के क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, मैगजीन, अतिरिक्त खाली मैगजीन और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है।

जानकारी के अनुसार 23 और 24 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात ग्राम करही में तीन नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर आयुष कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे उसके छोटे भाई को भी गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था और पुलिस पर जल्द खुलासा करने का दबाव बढ़ गया था।

घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन प्रभारी पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप, डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक Ramgopal Garg भी घटनास्थल पहुंचे और विशेष टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए।

पुलिस जांच के दौरान टीमों ने गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर सहित सात राज्यों में दबिश दी। जांच में 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों से लगातार पूछताछ की गई। साइबर और आसूचना टीम भी लगातार सक्रिय रही।

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय द्वारा प्रशिक्षण से लौटने के बाद मामले की समीक्षा की गई और इसके बाद “ऑपरेशन हंट” शुरू किया गया। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी भूषण बघेल के पास पहले से अवैध हथियार देखा गया था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि मृतक आयुष कश्यप और आरोपियों के बीच पुराने आर्थिक और व्यवसायिक विवाद चल रहे थे।

पुलिस के अनुसार आरोपियों को आयुष कश्यप की बढ़ती आर्थिक स्थिति और क्षेत्र में प्रभाव से जलन थी। उधारी के पैसों को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा था और व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा के कारण आरोपी खुद को नुकसान में महसूस कर रहे थे। इसी वजह से उन्होंने हत्या की साजिश रची।

जांच में सामने आया कि घटना की रात आरोपी पहले से मृतक के घर के आसपास मौजूद थे। सहयोगियों द्वारा सीसीटीवी कैमरा तोड़ने के बाद आरोपी घर में घुसे और पहले मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद आयुष कश्यप के कमरे में घुसकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने पूछताछ में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। मामले में अन्य सहयोगियों और मुख्य साजिशकर्ताओं की तलाश अब भी जारी है। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पूरे मामले का खुलासा करने वाली टीम को शाबाशी देते हुए पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई है।