कांकेर में ऑनलाइन आईपीएल सट्टेबाजी का खुलासा, 7 आरोपी गिरफ्तार
कांकेर पुलिस ने “उजियारा अभियान” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन आईपीएल सट्टेबाजी नेटवर्क का खुलासा किया है। सिटी कोतवाली और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर ₹2.25 लाख कीमत के मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. राजेन्द्र मंडावी, कांकेर l कांकेर जिले में ऑनलाइन आईपीएल सट्टेबाजी और डिजिटल बेटिंग का बढ़ता नेटवर्क युवाओं के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। मोबाइल फोन और इंटरनेट के माध्यम से संचालित हो रहे इस अवैध कारोबार ने अब शहरों के साथ छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों तक अपनी पहुंच बना ली है। इसी कड़ी में कांकेर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन आईपीएल बेटिंग नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस की इस कार्रवाई में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनके कब्जे से लगभग ₹2.25 लाख कीमत के मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
पुलिस ने यह कार्रवाई “उजियारा अभियान” के तहत थाना सिटी कोतवाली और साइबर सेल की संयुक्त टीम के माध्यम से की। पुलिस को सूचना मिली थी कि ज्ञानी चौक स्थित माखन भोग होटल के पास कुछ युवक मोबाइल फोन के जरिए आईपीएल मैचों और ऑनलाइन कैसीनो गेम में हार-जीत का दांव लगा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए विभिन्न आईडी उपलब्ध कराकर अवैध रूप से लाभ कमा रहे थे। मामले में एक विधि से संघर्षरत बालक के शामिल होने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टा और कैसीनो गेम संचालन में किया जा रहा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऑनलाइन बेटिंग और सट्टेबाजी का यह नेटवर्क लगातार युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। मोबाइल और इंटरनेट की आसान पहुंच के कारण कई युवक जल्दी पैसा कमाने के लालच में इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं। इससे न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि युवाओं का भविष्य भी प्रभावित हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी की लत युवाओं को अपराध और मानसिक तनाव की ओर धकेल सकती है। कई मामलों में देखा गया है कि लगातार हारने के बाद लोग कर्ज में डूब जाते हैं और आर्थिक परेशानियों का सामना करते हैं। यही वजह है कि पुलिस और प्रशासन अब साइबर अपराधों और ऑनलाइन जुए के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं।
कांकेर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध ऑनलाइन सट्टा, बेटिंग और साइबर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि केवल छोटे आरोपियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके पीछे सक्रिय बड़े नेटवर्क और संचालकों तक पहुंचना भी जरूरी है। इसके लिए साइबर सेल तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रैकिंग के माध्यम से मामले की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी ऑनलाइन सट्टा, बेटिंग या साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। प्रशासन का मानना है कि समाज, परिवार और पुलिस के संयुक्त प्रयास से ही युवाओं को इस तरह की डिजिटल लत और अपराध से बचाया जा सकता है।