दलित अपमान के मुद्दे पर भाजपा-आरएसएस पर बरसे कांग्रेस नेता कमल राय, शुद्धिकरण विवाद पर जनआंदोलन का आह्वान

मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी जनसभा स्थल के कथित शुद्धिकरण को लेकर कांग्रेस नेता कमल राय ने भाजपा-आरएसएस पर जातिवादी मानसिकता का आरोप लगाया और जनआंदोलन की अपील की।

Aug 13, 2026 - 15:06
 0  1
दलित अपमान के मुद्दे पर भाजपा-आरएसएस पर बरसे कांग्रेस नेता कमल राय, शुद्धिकरण विवाद पर जनआंदोलन का आह्वान

UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञ राज पटेल, छिंदवाड़ा l कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं परासकीय ब्लॉक अध्यक्ष कमल राय ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी स्थित जनसभा के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण को लेकर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस प्रकरण को दलित सम्मान, सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों से जोड़ते हुए इसे गंभीर मामला बताया।

कमल राय ने आरोप लगाया कि मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद संबंधित स्थल का गंगाजल से कथित शुद्धिकरण किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जनसभा के दौरान लगाए गए नारों को लेकर आपत्ति थी, तो पूरे मंच और स्थान का शुद्धिकरण क्यों किया गया। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस प्रकार की घटना समाज में मौजूद जातिगत भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता को सामने लाती है।

उन्होंने कहा कि किसी दलित नेता के कार्यक्रम के बाद सार्वजनिक स्थल को शुद्ध करने की कथित घटना केवल एक व्यक्ति के सम्मान का विषय नहीं है, बल्कि यह संविधान और सामाजिक समानता के सिद्धांतों से जुड़ा सवाल है। कमल राय ने आरोप लगाया कि भाजपा-आरएसएस की विचारधारा में दलित नेतृत्व को लेकर संकीर्णता दिखाई देती है।

कमल राय ने कहा कि भारत का लोकतांत्रिक ढांचा संविधान के मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व की भावना को मजबूत करना सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि समाज में किसी भी प्रकार के जातिगत भेदभाव को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने भाजपा पर धार्मिक भावनाओं और राजनीतिक ध्रुवीकरण का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि एक ओर राजनीतिक मंचों पर डॉ. आंबेडकर के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है, वहीं दूसरी ओर उनके सामाजिक समानता के विचारों के विपरीत घटनाओं पर चुप्पी साधी जाती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व से इस मामले पर स्पष्ट स्थिति रखने की मांग की।

कमल राय ने कहा कि जातिवाद के खिलाफ समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम जनता से सामाजिक भेदभाव के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से जनजागरूकता और आंदोलन चलाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि देश को सामाजिक विभाजन की नहीं, बल्कि समानता और भाईचारे की जरूरत है। संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर उसके सम्मान में अंतर नहीं किया जा सकता।

कांग्रेस की ओर से मांग की गई कि भाजपा और केंद्र सरकार इस कथित घटना पर सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करें और जातिगत भेदभाव से जुड़े किसी भी कृत्य की निंदा करें। कमल राय ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के पक्ष में जनजागरूकता अभियान चलाएगी।

इस पूरे विवाद ने दलित सम्मान, जातिगत भेदभाव और संवैधानिक समानता को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र में सभी नागरिकों को समान सम्मान मिलना चाहिए और सामाजिक भेदभाव की किसी भी घटना का विरोध आवश्यक है। कमल राय ने कहा कि देश की पहचान संविधान के मूल्यों से है और इन्हीं मूल्यों की रक्षा के लिए समाज को एकजुट होकर आगे आना होगा।