कबीरधाम में 15 जुलाई से लागू होंगे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026, चार डिब्बा व्यवस्था होगी अनिवार्य

कबीरधाम जिले में 15 जुलाई 2026 से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 लागू होंगे। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने नागरिकों से चार डिब्बा व्यवस्था अपनाने, कचरे का पृथक्करण करने और "वेस्ट टू वेल्थ" अभियान से जुड़ने की अपील की है। नियमों का उल्लंघन करने पर 500 से 5000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान रहेगा।

Jul 5, 2026 - 16:13
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कबीरधाम में 15 जुलाई से लागू होंगे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026, चार डिब्बा व्यवस्था होगी अनिवार्य

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कबीरधाम जिले में स्वच्छता को जन-आंदोलन का स्वरूप देने और "स्वच्छ छत्तीसगढ़" के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने घोषणा की है कि जिले में 15 जुलाई 2026 से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 प्रभावी रूप से लागू किए जाएंगे। उन्होंने सभी नागरिकों से इन नियमों का पालन करते हुए स्वच्छ और स्वस्थ कबीरधाम के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है।

कलेक्टर ने बताया कि नए नियमों के तहत जिले के सभी घरों, दुकानों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे का पृथक्करण अनिवार्य होगा। प्रत्येक परिवार को चार अलग-अलग डिब्बों की व्यवस्था करनी होगी। हरे डिब्बे में गीला कचरा, नीले डिब्बे में सूखा कचरा, लाल चिन्हित डिब्बे में सेनेटरी कचरा तथा काले डिब्बे में हानिकारक कचरा रखा जाएगा। घर-घर कचरा संग्रहण के दौरान स्वच्छता दीदियों को अलग-अलग श्रेणी में रखा गया कचरा ही सौंपना होगा। प्रशासन ने "मेरा कचरा-मेरी जिम्मेदारी" अभियान को सफल बनाने का भी आह्वान किया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। खुले में कचरा फेंकने, नालियों में कचरा डालने या कचरे में आग लगाने पर ग्राम पंचायतों द्वारा 500 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि जिले में "वेस्ट टू वेल्थ" मॉडल को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत गीले कचरे से जैविक खाद और गोबर गैस का उत्पादन किया जाएगा, जिससे किसानों को लाभ मिलेगा। वहीं सूखे कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और पुनर्चक्रण से महिला स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने की योजना है। जिले में गोबर गैस प्लांट मॉडल का भी विस्तार किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि जिले की 60 ग्राम पंचायतों में स्वच्छता जागरूकता के लिए नारा लेखन और वॉल पेंटिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। 15 जुलाई से पहले सभी घरों में चार डिब्बों की व्यवस्था और शत-प्रतिशत घर-घर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की टीम चौपाल, पंचायत बैठकों और घर-घर संपर्क अभियान के माध्यम से लोगों को लगातार जागरूक कर रही है।

जिला प्रशासन के अनुसार सभी गांवों में मुनादी और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। चार डिब्बों का वितरण लगभग पूरा हो चुका है और 15 जुलाई से स्वच्छता दीदियों द्वारा नियमित कचरा संग्रहण, निरीक्षण और नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। प्रशासन ने मीडिया, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाकर कबीरधाम को स्वच्छ और ओडीएफ प्लस जिला बनाने में सहयोग देने की अपील की है।