डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल से बचाव को लेकर कबीरधाम पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान

कबीरधाम पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे सात सप्ताह के साइबर जागृति अभियान के तीसरे सप्ताह में डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल को लेकर नागरिकों एवं छात्र-छात्राओं को जागरूक किया गया। पुलिस ने साइबर ठगी के नए तरीकों, फर्जी अधिकारी बनकर किए जाने वाले कॉल, वीडियो कॉल के जरिए ठगी और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव की जानकारी दी।

Aug 31, 2026 - 19:17
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डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल से बचाव को लेकर कबीरधाम पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव,कबीरधाम l जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम और नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा सात सप्ताह का साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 15 अगस्त 2026 से 2 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। अभियान के तीसरे सप्ताह में डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से आम नागरिकों, वरिष्ठ नागरिकों और स्कूली छात्र-छात्राओं को साइबर ठगी से बचाव के उपायों के साथ डिजिटल क्षेत्र में उपलब्ध करियर के अवसरों की जानकारी भी दी जा रही है।

पुलिस अधीक्षक कबीरधाम जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थाना और चौकी क्षेत्रों में साइबर जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 31 अगस्त 2026 को थाना लोहारा, चौकी बैजलपुर, थाना झालमला और थाना सिंघनपुरी जंगल क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कार्यक्रमों में नागरिकों और विद्यार्थियों को साइबर ठगी के बदलते तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर किए जाने वाले कॉल, फर्जी वीडियो कॉल और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों से सतर्क रहने की समझाइश दी। पुलिस ने बताया कि साइबर ठग अक्सर खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी, आरबीआई या किसी अन्य सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को डराने का प्रयास करते हैं। गिरफ्तारी का भय दिखाकर वीडियो कॉल पर पूछताछ करने और पैसे की मांग करने जैसी घटनाओं से लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। यदि किसी व्यक्ति को इस तरह का कॉल आता है तो उसे घबराने के बजाय तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM PIN, CVV, UPI PIN, बैंकिंग पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी कि अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध मोबाइल एप डाउनलोड करने से बचें तथा सोशल मीडिया अकाउंट की गोपनीयता संबंधी सेटिंग्स को सुरक्षित रखें।

ऑनलाइन लेन-देन करते समय भी विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई। साइबर ठगों द्वारा अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश की जाती है, इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या लिंक पर बिना जांच किए भरोसा नहीं करना चाहिए। विद्यार्थियों को इंटरनेट और डिजिटल तकनीक के सुरक्षित एवं सकारात्मक उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही साइबर सुरक्षा और डिजिटल क्षेत्र में मौजूद करियर की संभावनाओं के बारे में बताया गया।

वरिष्ठ नागरिकों को फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी को लेकर विशेष रूप से सतर्क रहने की अपील की गई। पुलिस ने कहा कि साइबर ठगी की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर शिकायत मिलने पर ठगी की रकम को होल्ड कराने की संभावना बढ़ सकती है।

कबीरधाम पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान लगातार जारी रखने की बात कही गई है। पुलिस का संदेश है कि नागरिक सतर्क रहें, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल संबंधित पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।