सुनिष्का की इस सफलता के पीछे निरंतर अभ्यास, अनुशासन और निशानेबाजी के प्रति उनका समर्पण अहम माना जा रहा है। उन्होंने भिलाई के अनुभवी शूटिंग कोच नीरज निखिल साइमन के प्रशिक्षण और मार्गदर्शन में यह उपलब्धि हासिल की। कोच साइमन के निर्देशन में छत्तीसगढ़ के निशानेबाजों ने स्टेट, प्री-नेशनल, नेशनल और KSS स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में 36 से अधिक पदक अर्जित किए हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षित एक खिलाड़ी ने इस वर्ष जर्मनी के सुहल में आयोजित विश्व शूटिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया है।
सुनिष्का के लिए ईस्ट जोन चैंपियनशिप की यह उपलब्धि अचानक मिली सफलता नहीं है। इससे पहले जुलाई में आयोजित स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया था। इस प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने जोनल प्रतियोगिता में अपना स्थान सुनिश्चित किया। इसके बाद ईस्ट जोन शूटिंग चैंपियनशिप में तीन कांस्य पदक जीतकर उन्होंने अपनी प्रतिभा और निरंतर बेहतर प्रदर्शन की क्षमता साबित की।
सुनिष्का वर्तमान में नया रायपुर स्थित IIIT कॉलेज में इंजीनियरिंग प्रथम वर्ष की छात्रा हैं और रायपुर के RKC क्षेत्र में निवास करती हैं। उनके पिता राकेश कुमार हैं, जबकि उनकी माता RKC में शिक्षिका के रूप में सेवाएं दे रही हैं। पढ़ाई के साथ निशानेबाजी के लिए समय निकालना उनके अनुशासन और संतुलित प्रयास को दर्शाता है। खेल और शिक्षा के बीच बेहतर तालमेल बनाकर उन्होंने अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाया है।
सुनिष्का की सफलता ने छत्तीसगढ़ में निशानेबाजी के क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं को भी सामने रखा है। खेल से जुड़े लोगों का मानना है कि प्रदेश के खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास के लिए बेहतर शूटिंग रेंज, आधुनिक संसाधन और पर्याप्त प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हों तो यहां की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। खिलाड़ियों के लिए अभ्यास सुविधाओं की उपलब्धता और रेंज के उपयोग की सहज अनुमति खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
ईस्ट जोन शूटिंग चैंपियनशिप में तीन कांस्य पदक जीतने के बाद अब सुनिष्का की नजर नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप पर है। उनकी उपलब्धि ने परिवार, कोच और खेलप्रेमियों में उत्साह बढ़ाया है। सीमित संसाधनों के बीच निरंतर अभ्यास और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ने वाली सुनिष्का की सफलता प्रदेश के उन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है, जो खेल के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि नियमित अभ्यास, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता के साथ खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को लगातार बेहतर बना सकते हैं।