यह कार्रवाई थाना भोरमदेव द्वारा ग्राम केसदा कांजी हाउस के सामने की गई, जहां पुलिस टीम ने घेराबंदी कर संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों को रोका। जांच के दौरान पाया गया कि मवेशियों को बिना चारा-पानी के, क्रूरतापूर्वक एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार जिले के पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर जिले में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कृष्ण कुमार चन्द्राकर के पर्यवेक्षण में की गई।
दिनांक 26 फरवरी 2026 को थाना भोरमदेव पुलिस स्टाफ ने ग्राम केसदा कांजी हाउस के सामने घेराबंदी कर दो व्यक्तियों को रोका, जो 08 नग मवेशी (भैंस व भैंसी) लेकर जा रहे थे। मौके पर पूछताछ और प्रारंभिक जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मवेशियों को अवैध रूप से तस्करी के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।
पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम
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कुलेश्वर विश्वकर्मा, पिता कुमलाल, उम्र 22 वर्ष, निवासी रौचन, थाना भोरमदेव, जिला कबीरधाम
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अघ्घन यादव, पिता बृजलाल यादव, उम्र 45 वर्ष, निवासी बम्हनी, थाना रेंगाखार, जिला कबीरधाम
बताया है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
जब्त किए गए सभी 08 मवेशियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराए जाने के बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की क्षति न हो और उचित देखभाल सुनिश्चित की जा सके।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी लालमन साहू के निर्देशन में एएसआई दिनेश झरिया सहित थाना भोरमदेव पुलिस स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।
कबीरधाम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पशु तस्करी एवं पशु क्रूरता जैसे मामलों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और जिले में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।