सोनहत और बैकुंठपुर क्षेत्र में जारी अपने बयान में साहू ने कहा कि यह बजट ज़मीनी जरूरतों से कटा हुआ है और इसमें आम जनता, विशेषकर युवाओं, किसानों और दूरस्थ अंचलों के विकास को लेकर कोई स्पष्ट दिशा नजर नहीं आती।
उन्होंने कहा कि प्रदेश का शिक्षित युवा लंबे समय से सरकारी भर्तियों और रोजगार के अवसरों की प्रतीक्षा कर रहा है, लेकिन इस बजट में न तो नए पदों के सृजन का कोई ठोस खाका प्रस्तुत किया गया है और न ही भर्ती प्रक्रियाओं को तेज करने को लेकर कोई भरोसा दिया गया है। साहू ने आरोप लगाया कि यह बजट युवाओं के भविष्य के साथ सीधा छलावा है।
सोनहत विधानसभा क्षेत्र को लेकर उन्होंने विशेष रूप से नाराजगी जताते हुए कहा कि सोनहत जैसे वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए बजट में कोई अलग और प्रभावी प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सोनहत क्षेत्र में आज भी सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है, लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस विजन सामने नहीं रखा।
प्रकाश चंद्र साहू ने कहा कि वन क्षेत्रों में बसे ग्रामीणों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, उच्च शिक्षा के संस्थान खोलने और युवाओं के लिए कौशल विकास केंद्र स्थापित करने जैसे विषयों पर बजट पूरी तरह मौन है। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनहीनता बताया।
उन्होंने महंगाई को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। साहू ने कहा कि प्रदेश की जनता पहले से ही बढ़ती महंगाई से परेशान है, लेकिन इस बजट में आम आदमी को राहत देने वाला कोई ठोस प्रावधान दिखाई नहीं देता। उनका कहना था कि यह बजट “सबका साथ, सबका विकास” के नारे से उलट, चुनिंदा वर्गों के हित में बनाया गया प्रतीत होता है।
किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए साहू ने कहा कि सरकार बोनस और समर्थन मूल्य जैसे वादों के जरिए किसानों को भ्रमित कर रही है। हकीकत यह है कि आज भी किसान खाद, बीज और सिंचाई जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में इन समस्याओं के स्थायी समाधान को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं दिखाई देती।
सोनहत के साथ-साथ बैकुंठपुर और आसपास के ग्रामीण अंचलों का उल्लेख करते हुए साहू ने कहा कि इन क्षेत्रों में उद्योग, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने की बड़ी संभावनाएं हैं, लेकिन सरकार ने इन संभावनाओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है।
यूथ कांग्रेस से जुड़े नेता के रूप में साहू ने स्पष्ट किया कि भारतीय युवा कांग्रेस प्रदेशभर में इस बजट के खिलाफ युवाओं और आम जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार को दिखावटी घोषणाओं के बजाय जमीनी जरूरतों पर आधारित बजट बनाना चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट न तो युवाओं की उम्मीदों पर खरा उतरता है और न ही वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों के विकास की दिशा में कोई ठोस संदेश देता है। यदि सरकार ने अपनी नीतियों में बदलाव नहीं किया, तो युवा कांग्रेस सड़कों पर उतरकर जन आंदोलन करेगी।