कबीरधाम में धान खरीदी सुचारू रूप से जारी, 49 करोड़ का भुगतान

कबीरधाम जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान खरीदी सुचारू रूप से जारी है। अब तक 4,445 किसानों से 1.97 लाख क्विंटल धान खरीदा गया और 49.10 करोड़ रुपये भुगतान किसानों के खातों में जारी किया जा चुका है। पारदर्शी टोकन सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और अन्य व्यवस्थाओं से खरीदी प्रक्रिया सुगम और व्यवस्थित हो रही है।

Nov 24, 2025 - 18:25
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कबीरधाम में धान खरीदी सुचारू रूप से जारी, 49 करोड़ का भुगतान

 UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत कबीरधाम जिले में धान खरीदी सुचारू रूप से जारी है। जिले के उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी के साथ ही किसानों को समय पर भुगतान भी उनके खातों में किया जा रहा है। खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक 4,445 किसान धान की बिक्री कर चुके हैं, जिनसे 1,97,030 क्विंटल धान खरीदी गई है। किसानों को उनके बेचे गए धान के एवज में 49 करोड़ 10 लाख 53 हजार रुपये भुगतान के रूप में जारी किए जा चुके हैं।

कलेक्टर  गोपाल वर्मा ने धान खरीदी से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों और नोडल ऑफिसर्स को सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के साथ खरीदी से संबंधित किसी भी समस्या का तुरंत निदान करने का निर्देश भी दिया गया है।

शासन प्रशासन की प्राथमिकता है कि जिले के उपार्जन केंद्रों में पहुंचने वाले किसानों की त्वरित तौलाई हो। इस बार पारदर्शी और व्यवस्थित टोकन सिस्टम ने खरीदी प्रक्रिया को सुगम बनाया है। निश्चित मात्रा में टोकन जारी होने से किसानों के बीच धान बेचने को लेकर किसी प्रकार की दुविधा नहीं है।

केंद्रों में बारदाने का पर्याप्त इंतजाम, धान तौलाई, भराई और स्टेकिंग के लिए मैन पावर, बायोमेट्रिक आधारित ऑथेंटिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और नमी मापक यंत्र सहित खरीदी से जुड़ी अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं।

बीते दिनों कलेक्टर  वर्मा ने समिति प्रबंधकों और अधिकारियों की बैठक लेकर धान खरीदी व्यवस्था की समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। शासन के निर्देशानुसार किसानों को एकड़ के अनुसार टोकन जारी किए जा रहे हैं, और गेट पास ऐप में उपार्जन केंद्र में बिक्री हेतु धान लेकर आने वाले वाहन की फोटो का ऑनलाइन अपडेशन अनिवार्य किया गया है। खरीदी के उपरांत उपार्जन केंद्रों में धान की स्टेकिंग किस्मवार अलग-अलग करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।