कबीरधाम को ओडीएफ प्लस बनाने अभियान तेज, ग्रामीणों को सोकपिट और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए किया जा रहा जागरूक
कबीरधाम जिले को 2 अक्टूबर 2026 तक ओडीएफ प्लस बनाने के लक्ष्य के साथ स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीणों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026, सोकपिट निर्माण, नाडेप टैंक और स्वच्छता से जुड़े उपायों की जानकारी दी जा रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले को 2 अक्टूबर 2026 तक ओडीएफ प्लस जिला बनाने के लक्ष्य के साथ स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जनजागरूकता अभियान को तेज कर दिया गया है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में विभागीय टीमें गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों को स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और जल निकासी व्यवस्था के प्रति जागरूक कर रही हैं।
अभियान के तहत गठित विभागीय टीमें विभिन्न ग्राम पंचायतों में बैठकें आयोजित कर रही हैं। साथ ही घर-घर संपर्क कर ग्रामीणों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के बारे में जानकारी दी जा रही है। लोगों को बताया जा रहा है कि स्वच्छता केवल कचरा उठाने तक सीमित नहीं है, बल्कि घरों से निकलने वाले अपशिष्ट जल के वैज्ञानिक निपटान और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ी है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि अभियान के दौरान ग्रामीणों को सोकपिट निर्माण, नाडेप टैंक निर्माण और उनके उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। घरों से निकलने वाले ग्रे वाटर और सेप्टिक टैंक से निकलने वाले ब्लैक वाटर के सुरक्षित निपटान के लिए सोकपिट की उपयोगिता समझाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक सहभागिता के बिना ओडीएफ प्लस का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है।
अभियान के अंतर्गत प्रत्येक घर में चार रंगों के कचरा डिब्बे रखने की जानकारी भी दी जा रही है। हरे, नीले, लाल और काले रंग के डिब्बों के माध्यम से कचरे का अलग-अलग संग्रहण और प्रबंधन करने की समझाइश दी जा रही है। स्वच्छता दीदियां घर-घर जाकर कचरे के पृथक्करण का सत्यापन भी कर रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, नारा लेखन, वॉल पेंटिंग, महिला स्व-सहायता समूहों की बैठकें तथा स्कूलों में बच्चों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश भी प्रसारित किया जा रहा है। इसके अलावा खुले में कचरा फेंकने पर ग्राम पंचायत द्वारा लगाए जाने वाले जुर्माने की जानकारी भी ग्रामीणों को दी जा रही है।
अभियान के दौरान सामुदायिक शौचालयों के उपयोग और रखरखाव, व्यक्तिगत शौचालयों के नियमित उपयोग तथा गांवों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयासों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिला प्रशासन ने सभी सरपंचों, सचिवों और स्व-सहायता समूहों से ग्रामीणों के साथ लगातार संवाद स्थापित कर स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की अपील की है।
जिला प्रशासन का मानना है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सोकपिट निर्माण और स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी बढ़ने से कबीरधाम को निर्धारित समय सीमा में ओडीएफ प्लस जिला बनाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया जा सकेगा।