तंबाकू के दुष्प्रभावों पर राज्य स्तरीय कार्यशाला, शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने पर जोर
रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में तंबाकू नियंत्रण और शैक्षणिक परिसरों को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए TOFEI दिशानिर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। तंबाकू के सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों की रोकथाम और शैक्षणिक परिसरों को तंबाकू मुक्त बनाने के उद्देश्य से आज सर्किट हाउस, रायपुर में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण एवं संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला तंबाकू नियंत्रण एवं तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान (TOFEI) दिशानिर्देशों पर आधारित थी।
कार्यशाला का आयोजन राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (SIHFW), छत्तीसगढ़ द्वारा राज्य राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) सेल के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री संजीव झा, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ ने तंबाकू नियंत्रण को जनस्वास्थ्य की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि तंबाकू से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए विभागीय समन्वय और सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।
कार्यक्रम का परिचय डॉ. के. के. सहारे, उप संचालक (NTCP) द्वारा दिया गया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को तंबाकू सेवन न करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की सामूहिक शपथ दिलाई गई।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), छत्तीसगढ़ के मिशन संचालक रणवीर शर्मा ने विशेष संबोधन में तंबाकू नियंत्रण को दीर्घकालिक जनस्वास्थ्य निवेश बताते हुए इसके सामाजिक और आर्थिक लाभों पर प्रकाश डाला। वहीं SIHFW के संचालक डॉ. एस. एस. पामभोई ने प्रशिक्षण की उपयोगिता बताते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक होती हैं।
छत्तीसगढ़ में NTCP की प्रगति और गतिविधियों की जानकारी डॉ. आनंद वर्मा, राज्य सलाहकार (NTCP) ने साझा की। तंबाकू मुक्त ग्राम एवं TOFEI दिशानिर्देशों पर विस्तृत प्रस्तुति संजय नामदेव, तंबाकू नियंत्रण विशेषज्ञ द्वारा दी गई, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों में नियमों के पालन की आवश्यकता पर बल दिया गया।
डॉ. राज दीवान, एसोसिएट प्रोफेसर, शासकीय दंत महाविद्यालय ने जिला स्तर पर सफल TOFEI क्रियान्वयन के अनुभव साझा किए। वहीं COTPA अधिनियम की धारा 4, 5, 6 एवं 7 की जानकारी श्रीमती ख्याति जैन, राज्य विधिक परामर्शदाता (NTCP) ने दी।
कार्यशाला में तंबाकू के हानिकारक प्रभावों और जिलों में संचालित गतिविधियों पर डॉ. मुनिश भगत, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, OST सुपेला ने प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन “Choose Life – Not Tobacco (जीवन चुनें – तंबाकू नहीं)” के सशक्त संदेश के साथ किया गया।
कार्यशाला में जिला रायपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी एवं जिला तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. प्रीति नारायण की विशेष उपस्थिति रही।