कबीरधाम में एससी/एसटी एक्ट और मारपीट मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय में पेश

कबीरधाम पुलिस ने सड़क पर वाहन रोककर मारपीट, जातिसूचक टिप्पणी और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया।

Jun 25, 2026 - 15:00
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कबीरधाम में एससी/एसटी एक्ट और मारपीट मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय में पेश

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कबीरधाम पुलिस ने अनुसूचित जनजाति वर्ग के जनप्रतिनिधि एवं अन्य लोगों के साथ मारपीट, जातिसूचक टिप्पणी और जान से मारने की धमकी देने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल और अमित पटेल के मार्गदर्शन में की गई। मामले की शिकायत रामकुमार मरकाम ने थाना कवर्धा में दर्ज कराई थी।

शिकायत के अनुसार 22 जून 2026 को रामकुमार मरकाम अपने साथियों और जिला पंचायत सदस्य राजकुमार मेरावी के साथ वाहन से कवर्धा से रेंगाखार लौट रहे थे। इसी दौरान भोरमदेव पैलेस के पास गोकुल कौशिक ने उनका वाहन रोककर विवाद किया। इसके बाद सरोधा नहर पुलिया तिराहा स्थित बजरंगबली मंदिर के समीप वाहन को दोबारा रोककर आरोपियों ने कथित रूप से गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी।

पुलिस के अनुसार घटना के दौरान जब जिला पंचायत सदस्य राजकुमार मेरावी ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उनके खिलाफ कथित रूप से जातिसूचक एवं अपमानजनक टिप्पणियां कीं, जिससे अनुसूचित जनजाति वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंची। शिकायत के आधार पर थाना कवर्धा में अपराध क्रमांक 251/2026 दर्ज किया गया। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराएं भी जोड़ी गईं।

मामला एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित होने के कारण इसकी विवेचना अजाक थाना के पर्यवेक्षण अधिकारी एवं उप पुलिस अधीक्षक संजय ध्रुव द्वारा की गई। जांच के दौरान प्रार्थी और प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान दर्ज किए गए, घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तथा आवश्यक दस्तावेज और जाति प्रमाण-पत्र जब्त किए गए। आरोपी गोकुल कौशिक के मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।

विवेचना के आधार पर गोकुल कौशिक, गोविंद कौशिक, रामानुज कौशिक, सागर साहू और आलोक तिवारी को 23 जून 2026 को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच में उनके विरुद्ध पूर्व में भी आपराधिक मामलों में संलिप्तता के तथ्य सामने आए हैं।

गिरफ्तार सभी आरोपियों को 24 जून 2026 को न्यायालय में पेश किया गया। कबीरधाम पुलिस ने कहा है कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, जातीय वैमनस्य फैलाने वाले तत्वों पर अंकुश लगाने तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई करने का अभियान लगातार जारी रहेगा।