UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से लोगों को गुमराह करने के मामले में चौकी पोड़ी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी कलिन्दर मिंज, उम्र 32 वर्ष, निवासी रूपडेगा तालाब के पास, थाना लैलूंगा, जिला रायगढ़ पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर 1.30 लाख रुपये लेने और फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर पीड़ित को भेजने का आरोप है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
मामले में प्रार्थी जुगेश्वर साहू निवासी राम्हेपुर खुर्द, चौकी पोड़ी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने नवंबर 2025 से जून 2026 के बीच उसे नौकरी दिलाने का भरोसा देकर 1.30 लाख रुपये लिए। इसके बाद आरोपी ने खेल प्रशिक्षक के पद पर नियुक्ति के संबंध में फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र तैयार कर प्रार्थी को उपलब्ध कराया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान सामने आया कि आरोपी स्वयं को फुटबॉल कोच बताकर विभिन्न स्थानों पर खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में लेकर जाता था। इसी दौरान उसकी पहचान प्रार्थी से हुई। आरोपी ने प्रार्थी को खेल प्रशिक्षक के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया और इसके बदले 1.30 लाख रुपये प्राप्त किए। राशि लेने के बाद आरोपी ने अपने लैपटॉप की मदद से उप संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, छत्तीसगढ़, रायपुर के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने रायगढ़ की एक दुकान से सील तैयार कराई और उसका उपयोग फर्जी नियुक्ति पत्र में किया। इसके बाद आरोपी ने अपने मोबाइल फोन के माध्यम से यह दस्तावेज प्रार्थी को व्हाट्सएप पर भेज दिया। अपराध दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद आरोपी ने खराब लैपटॉप को कबाड़ में बेचने तथा फर्जी नियुक्ति पत्र, तैयार कराई गई सील और मोबाइल को केलो नदी में फेंकने की बात पुलिस पूछताछ में बताई। प्रार्थी से प्राप्त राशि को व्यक्तिगत खर्च में उपयोग करना भी बताया गया है।
विवेचना के दौरान आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने प्रार्थी के मार्कशीट, रोजगार पंजीयन, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और आधार कार्ड की छायाप्रतियां बरामद कर जब्त की हैं। उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आरोपी के विरुद्ध थाना बोड़ला में धारा 336(3), 319(2), 340(1) और 318(4) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस ने आरोपी को 24 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले में आगे की विवेचना जारी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि नौकरी या अन्य किसी अवसर का झांसा देकर मांगी जाने वाली रकम और दस्तावेजों के मामले में पूरी तरह सत्यापन के बाद ही कोई कदम उठाएं।