दुर्ग के गणपति विहार कॉलोनी फेस-4 में हर्षोल्लास से मनाया गया हलषष्ठी पर्व, महिलाओं ने संतान की सुख-समृद्धि के लिए रखा व्रत

दुर्ग के बोरसी स्थित गणपति विहार कॉलोनी फेस-4 में हलषष्ठी पर्व आस्था और विश्वास के साथ मनाया गया। कॉलोनी की महिलाओं ने उपवास रखकर विधिवत पूजा-अर्चना की और अपनी संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Sep 2, 2026 - 17:47
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दुर्ग के गणपति विहार कॉलोनी फेस-4 में हर्षोल्लास से मनाया गया हलषष्ठी पर्व, महिलाओं ने संतान की सुख-समृद्धि के लिए रखा व्रत

UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l बोरसी स्थित गणपति विहार कॉलोनी फेस-4 में हलषष्ठी पर्व बड़े हर्षोल्लास, आस्था और विश्वास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कॉलोनी की महिलाएं एकजुट होकर धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुईं और विधिवत पूजा-अर्चना कर संतान की सुख-समृद्धि, लंबी आयु और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पर्व को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही पूजा की तैयारियां शुरू हो गई थीं और महिलाएं पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार एकत्रित होकर पूजा में शामिल हुईं।

हलषष्ठी पर्व को छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में हरछठ और कमरछठ के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और जीवन में आने वाली परेशानियों से सुरक्षा की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। संतान के कल्याण के लिए रखा जाने वाला यह व्रत मातृत्व की आस्था और भावनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है।

गणपति विहार कॉलोनी फेस-4 में भी महिलाओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ हलषष्ठी की पूजा की। महिलाओं ने उपवास रखकर पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया और धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए संतान के लिए मंगलकामना की। इस दौरान कॉलोनी में भक्तिमय माहौल बना रहा। महिलाओं ने एक साथ पूजा करते हुए पर्व की परंपराओं को आगे बढ़ाने का संदेश भी दिया। सामूहिक रूप से पूजा करने से कॉलोनी में आपसी मेलजोल और सामाजिक एकजुटता का वातावरण भी देखने को मिला।

मान्यता है कि हलषष्ठी के दिन श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजा करने से प्राप्त पुण्य संतान के जीवन में आने वाले संकटों से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है। इसी धार्मिक विश्वास के साथ माताएं इस दिन कठिन नियमों का पालन करते हुए व्रत रखती हैं और पूजा के माध्यम से अपने बच्चों के सुखद भविष्य के लिए प्रार्थना करती हैं। पर्व के दौरान पारंपरिक पूजा सामग्री के साथ धार्मिक विधियों का पालन किया गया।

इस अवसर पर मोनिका वर्मा, दीक्षा गुप्ता, वसुधा गुप्ता, वर्षा अग्रवाल, सोमिन कलिहारी, वीणा ठाकुर, कल्पना साहू, जानकी साहू, आशा अमृत, पूनम साहू, नंदिनी साहू, भारती देवांगन, लता उपाध्याय, पारुल साहू सहित पूरी कॉलोनी की महिलाएं एक साथ एकत्रित हुईं। सभी ने श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की और अपनी संतान तथा परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

हलषष्ठी पर्व केवल धार्मिक आस्था का अवसर ही नहीं, बल्कि परिवार, मातृत्व और सामाजिक एकजुटता से जुड़ा पर्व भी है। गणपति विहार कॉलोनी में महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से पर्व मनाने से इसकी पारंपरिक और सामाजिक भावना दिखाई दी। पूजा के दौरान सभी ने परिवारों में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहने की कामना की।