प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस वर्ग में अशोका पब्लिक स्कूल की कक्षा 9वीं की छात्रा सोनाक्षी वर्मा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं सीनियर वर्ग में कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के बीच गेड़ी दौड़ आयोजित की गई, जिसमें अशोका पब्लिक स्कूल की कक्षा 11वीं की छात्रा संध्या कौशिक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। दोनों छात्राओं की उपलब्धि पर विद्यालय परिवार में उत्साह का माहौल रहा।
नगर स्तरीय अंतर-विद्यालयीन गेड़ी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन इंटेक यानी INTACH के कवर्धा अध्याय द्वारा किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत में शामिल पारंपरिक गेड़ी दौड़ जैसे लोक खेलों को संरक्षित करना और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ना रहा। प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग के प्रतिभागियों के लिए 40 मीटर तथा सीनियर वर्ग के लिए 50 मीटर गेड़ी दौड़ आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने उत्साह और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
गेड़ी दौड़ छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति और लोक जीवन से जुड़ा हुआ खेल है। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से गेड़ी का उपयोग उत्सवों और विभिन्न पारंपरिक आयोजनों में किया जाता रहा है। समय के साथ आधुनिक खेलों के बढ़ते प्रभाव के बीच पारंपरिक खेलों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए इस तरह की प्रतियोगिताएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। विद्यालयों के विद्यार्थियों की भागीदारी से लोक खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
सोनाक्षी वर्मा और संध्या कौशिक की इस उपलब्धि पर अशोका पब्लिक स्कूल के संचालक पवन देवांगन, संचालिका सारिका देवांगन, प्राचार्य एस.एल. नापित, खेल शिक्षक राजा जोशी, मनीष निषाद, शैलेन्द्र वर्मा और मीरा साहू सहित विद्यालय परिवार ने दोनों छात्राओं को बधाई दी। विद्यालय परिवार ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की ऐसी उपलब्धियां अन्य बच्चों को भी खेलों और पारंपरिक गतिविधियों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
विद्यालय मीडिया प्रभारी पीजीटी हिन्दी अशोक कुमार इनवाती ने बताया कि गेड़ी जैसे पारंपरिक लोक खेल में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और सफलता छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा एवं विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रतियोगिता में छात्राओं की सफलता ने विद्यालय के साथ-साथ उनके परिवार और शिक्षकों का भी गौरव बढ़ाया है।