अबूझमाड़ में फिर दिखी पुलिस की मानवीय संवेदना, गर्भवती महिला को बाइक से अस्पताल पहुंचाकर डीआरजी जवानों ने निभाया फर्ज

नारायणपुर के दुर्गम ग्राम कुड़मेल में गर्भवती महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए डीआरजी जवानों ने कठिन रास्तों के बीच बाइक से सुरक्षित ओरछा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। पुलिस अधीक्षक संदीप पटेल ने जवानों की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की।

Aug 9, 2026 - 17:56
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अबूझमाड़ में फिर दिखी पुलिस की मानवीय संवेदना, गर्भवती महिला को बाइक से अस्पताल पहुंचाकर डीआरजी जवानों ने निभाया फर्ज

UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर l नारायणपुर जिले के दुर्गम और पहुंचविहीन अबूझमाड़ क्षेत्र में पुलिस की मानवीय संवेदना एक बार फिर सामने आई है। ग्राम कुड़मेल में एक गर्भवती महिला को तत्काल चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता की सूचना मिलने पर डीआरजी जवानों ने बिना देरी किए मदद के लिए कदम बढ़ाया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और दुर्गम रास्तों के बीच जवानों ने बाइक के माध्यम से महिला को सुरक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओरछा पहुंचाया, जहां उसे आवश्यक उपचार के लिए भर्ती कराया गया।

कुड़मेल कैंप में महिला की तबीयत और अस्पताल पहुंचाने की आवश्यकता की जानकारी मिलते ही डीआरजी जवान तत्काल सक्रिय हुए। क्षेत्र में आवागमन के सीमित साधनों और कठिन रास्तों के बावजूद जवानों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए महिला को सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाने का प्रयास किया। समय पर अस्पताल पहुंचने के बाद महिला को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई।

इस मानवीय कार्य में प्रधान आरक्षक बोमडू राम वेजाम, बस्तर फाइटर आरक्षक रामलाल शोरी और बस्तर फाइटर आरक्षक सुरेश बेलसरिया की अहम भूमिका रही। जवानों की तत्परता से जरूरत के समय ग्रामीण परिवार को सहायता मिल सकी।

पुलिस अधीक्षक नारायणपुर संदीप पटेल ने डीआरजी जवानों की संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में पुलिस की जिम्मेदारी केवल सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत के समय ग्रामीणों की सहायता करना और उनके जीवन की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करना भी पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि गर्भवती महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाने की पहल पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय प्रतिबद्धता का उदाहरण है। नारायणपुर पुलिस अबूझमाड़ के ग्रामीणों तक सुरक्षा, सहयोग और विश्वास पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

अबूझमाड़ जैसे कठिन भौगोलिक क्षेत्र में पुलिस जवानों की इस पहल से ग्रामीणों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास और सहयोग की भावना मजबूत होने की उम्मीद है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ मानवीय सहायता के ऐसे प्रयास यह संदेश देते हैं कि आपात स्थिति में ग्रामीणों की मदद के लिए पुलिस जवान हरसंभव प्रयास करने को तैयार हैं।

नारायणपुर पुलिस का संकल्प है कि अबूझमाड़ के अंतिम छोर तक सुरक्षा के साथ सहयोग और मानवीय संवेदना पहुंचाई जाए।