Gold Price Outlook 2026: क्या सोना 5000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है? एक्सपर्ट का अनुमान

2026 में सोने की कीमतों को लेकर अलग-अलग संस्थानों और विश्लेषकों के अनुमान सामने आ रहे हैं। Metals Focus के फिलिप न्यूमैन ने 2026 के लिए 5,000 डॉलर से ऊपर के स्तर की संभावना जताई है, जबकि J.P. Morgan Global Research ने भी चौथी तिमाही 2026 में 5,000 डॉलर प्रति औंस का लक्ष्य बताया है। हालांकि, World Gold Council के अनुसार सोने की कीमत पर ब्याज दर, डॉलर, भू-राजनीतिक परिस्थितियां और केंद्रीय बैंकों की खरीद जैसे कई कारकों का असर रहेगा।

Sep 24, 2026 - 12:11
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Gold Price Outlook 2026: क्या सोना 5000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है? एक्सपर्ट का अनुमान

UNITED NEWS OF ASIA. सोने की कीमतों में 2026 के दौरान तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ऐसे में निवेशकों और बाजार पर नजर रखने वालों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले महीनों में सोना किस स्तर तक पहुंच सकता है। Metals Focus के मैनेजिंग डायरेक्टर फिलिप न्यूमैन के अनुमान के मुताबिक, 2026 में सोने की कीमत 5,000 डॉलर प्रति औंस से ऊपर जाने की संभावना है। वहीं J.P. Morgan Global Research ने भी चौथी तिमाही 2026 के लिए 5,000 डॉलर प्रति औंस का अनुमान दिया है। ये अनुमान हैं, निश्चित कीमत की गारंटी नहीं।

फिलिप न्यूमैन के अनुसार सोने के बाजार में केंद्रीय बैंकों की खरीद, निवेशकों की मांग और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनके पूर्वानुमान में 2026 के अंत तक सोने के लिए 5,000 डॉलर से ऊपर का स्तर संभावित बताया गया है।

सोने की कीमत को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में अमेरिका की मौद्रिक नीति भी शामिल है। ब्याज दरों में बदलाव से डॉलर और बॉन्ड यील्ड प्रभावित होते हैं, जिसका असर सोने की मांग पर पड़ सकता है। सितंबर 2026 में अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद भी सोने की कीमत ऊंचे स्तर पर बनी रही, हालांकि मजबूत डॉलर और आगे ब्याज दर बढ़ने की संभावना ने कीमत पर दबाव भी बनाया।

केंद्रीय बैंकों की खरीद भी सोने के बाजार के लिए महत्वपूर्ण आधार बनी हुई है। World Gold Council के अनुसार केंद्रीय बैंक सोने की मांग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और आधिकारिक क्षेत्र की मांग आने वाले समय में भी बाजार को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, खरीदारी की मात्रा में बदलाव होने पर कीमतों पर दबाव भी पड़ सकता है।

भारत में सोने की मांग पर ऊंची कीमतों का असर देखा जा सकता है। World Gold Council के मुताबिक 2026 में ऊंची कीमतों के कारण ज्वेलरी की मात्रा पर दबाव बना हुआ है, जबकि निवेश संबंधी मांग को अपेक्षाकृत समर्थन मिल रहा है। इसका मतलब है कि कीमत बढ़ने के बावजूद सोने में निवेश की रुचि बनी हुई है, लेकिन आभूषण खरीदने वाले उपभोक्ता अधिक सावधानी बरत सकते हैं।

World Gold Council के मध्य-वर्ष 2026 आउटलुक में भी सोने के लिए आगे की दिशा को कई आर्थिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा गया है। संगठन के अनुसार आर्थिक कमजोरी, भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ने या ब्याज दरों की उम्मीदों में बदलाव से सोने को समर्थन मिल सकता है, जबकि मजबूत आर्थिक वृद्धि और ऊंची यील्ड कीमतों पर दबाव डाल सकती है।

इस तरह 5,000 डॉलर प्रति औंस का स्तर कई विश्लेषकों के अनुमानों में दिखाई दे रहा है, लेकिन सोने की वास्तविक कीमत बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। केंद्रीय बैंक की खरीद, अमेरिकी ब्याज दरें, डॉलर की चाल, वैश्विक जोखिम और निवेशकों की मांग आने वाले महीनों में सोने की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक रह सकते हैं।