बालोद में करीब 30 पंचायतों की बिजली काटने पर सरपंचों का प्रदर्शन, बैरिकेड तोड़कर विद्युत कार्यालय में घुसे

बालोद जिले में बकाया बिजली बिल के नाम पर करीब 30 ग्राम पंचायतों के कनेक्शन काटे जाने के विरोध में सरपंचों ने बारिश के बीच प्रदर्शन किया। सरपंच बैरिकेड तोड़कर विद्युत कार्यालय परिसर में पहुंच गए। विभाग के सहायक अभियंता ने कटे कनेक्शन जोड़ने और भविष्य में नियमानुसार सूचना देने का आश्वासन दिया।

Sep 24, 2026 - 11:28
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बालोद में करीब 30 पंचायतों की बिजली काटने पर सरपंचों का प्रदर्शन, बैरिकेड तोड़कर विद्युत कार्यालय में घुसे

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l जिले में करीब 30 ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन और नल-जल योजना के बिजली कनेक्शन काटे जाने के बाद सरपंचों में आक्रोश है। सरपंचों का आरोप है कि विद्युत विभाग ने बकाया बिजली बिल के नाम पर बिना पूर्व सूचना के कनेक्शन काटने की कार्रवाई की। विरोध में बालोद ब्लॉक के सरपंच बुधवार को रिमझिम बारिश के बीच जनपद पंचायत से विद्युत कार्यालय तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे।

सरपंचों ने विद्युत विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्यपालन अभियंता को मौके पर बुलाने की मांग की। अधिकारी के कार्यालय में मौजूद नहीं होने पर प्रदर्शनकारी नाराज हो गए। पुलिस ने विद्युत कार्यालय के बाहर बैरिकेड लगाए थे, जिन्हें सरपंचों ने धक्का देकर तोड़ दिया और कार्यालय परिसर में प्रवेश कर गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस और विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने कार्यालय का मुख्य गेट अंदर से बंद कर दिया।

जानकारी के अनुसार पिछले दो दिनों में गुंडरदेही और बालोद ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतों में बिजली कनेक्शन काटे गए थे। इनमें गुंडरदेही ब्लॉक के गोड़ेला, रौना, सिर्री, भेंड्रा, माहुद-अ, भरदाकला, देवगहन, बोरगहन, सिब्दी, रेंहची, परसतरई, देवरी, डंगनिया, मटिया, गुरेदा, मोहंदा और सिरसिदा सहित बालोद ब्लॉक की खुर्सीपार, दरबारीनवागांव, पड़कीभाट और खपरी पंचायतें शामिल हैं। सरपंचों के अनुसार कार्रवाई का सबसे अधिक असर नल-जल योजनाओं पर पड़ा और कुछ गांवों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई।

हंगामे की सूचना मिलने पर तहसीलदार संध्या नामदेव और बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सरपंच अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि सभी कटे हुए कनेक्शन बहाल किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।

करीब एक घंटे तक चले विरोध और बातचीत के बाद विद्युत विभाग के सहायक अभियंता पीआर ठाकुर मौके पर पहुंचे। उन्होंने सरपंचों से चर्चा कर उनकी मांगें सुनीं। विभाग की ओर से बताया गया कि जिन पंचायतों के कनेक्शन काटे गए थे, उन्हें दोबारा जोड़ दिया गया है। साथ ही भविष्य में किसी भी पंचायत का बिजली कनेक्शन काटने से पहले नियमानुसार सूचना देने का आश्वासन दिया गया।

बालोद ब्लॉक सरपंच संघ के अध्यक्ष कृष्णा साहू ने दावा किया कि वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा ग्राम पंचायतों की बिजली नहीं काटने के संबंध में आदेश जारी किया गया था। उन्होंने कहा कि अगस्त 2026 तक पंचायतों की बिजली व्यवस्था सामान्य थी, लेकिन अचानक बिना नोटिस कनेक्शन काट दिए गए।

जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष क्रांति भूषण साहू ने कहा कि वर्तमान सरपंचों को पिछली पंचायत के कार्यकाल के बकाया बिल की पूरी जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि यदि कोई बकाया राशि है तो पहले पंचायतों को नोटिस दिया जाना चाहिए था। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं होने पर जिले के 400 से अधिक सरपंचों को साथ लेकर बड़ा आंदोलन किया जा सकता है।

पड़कीभाट के सरपंच नुपेंद्र यादव ने भी कनेक्शन काटे जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बिजली बंद होने से ग्रामीणों के सामने पानी की समस्या खड़ी हो गई और पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीणों के सवालों का सामना करना पड़ा।

सहायक अभियंता पीआर ठाकुर ने बताया कि सरपंचों ने ज्ञापन सौंपा है और उनकी मांगों को सुना गया है। उनके अनुसार जहां-जहां कनेक्शन काटे गए थे, उन्हें पुनः जोड़ दिया गया है। भविष्य में पंचायतों के कनेक्शन काटने से पहले नियमानुसार सूचना देने की बात भी कही गई है।