मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। संभावित खतरों की पहचान पहले से कर उन्हें दूर करना भी प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी जिलों में हॉस्टल, पीजी, कोचिंग सेंटर, स्कूल और बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण कराने तथा उनकी सुरक्षा व्यवस्था का सेफ्टी ऑडिट करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी भवन में सुरक्षा संबंधी कमी सामने आती है तो उसके सुधार के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए। पुराने, जर्जर या जोखिमपूर्ण भवनों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से स्कूलों, छात्रावासों, पुस्तकालयों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्थित पुराने भवनों को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिन भवनों से जनहानि की आशंका हो सकती है, उनकी पहचान कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। खासकर बच्चों और विद्यार्थियों से जुड़े संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने जिलों में निरीक्षण एवं सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करने की जरूरत है, जिसमें शिकायत या दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय संभावित जोखिमों की पहले ही पहचान कर समाधान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को शासन के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन जमीन पर सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही स्पष्ट किया कि निर्देशों के पालन में लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अवैध और मिलावटी शराब के खिलाफ भी सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने आबकारी विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ विशेष अभियान संचालित करने को कहा। जिन क्षेत्रों में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री या परिवहन की आशंका हो, वहां संयुक्त टीमों के माध्यम से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और पुलिस तथा आबकारी विभाग के बीच सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अवैध शराब के निर्माण या मिलावट में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को बैठक में दिए गए सभी निर्देशों पर तत्काल अमल शुरू करने तथा जिलों में की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा करने को कहा। बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, संयुक्त सचिव प्रभात मलिक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।