मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी से इलाज और पढ़ाई दोनों प्रभावित: कांग्रेस

कांग्रेस ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बड़ी संख्या में रिक्त पदों को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि हजारों पंजीकृत डॉक्टर होने के बावजूद नियमित भर्ती नहीं होने से मरीजों के उपचार और मेडिकल शिक्षा दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

Jun 24, 2026 - 13:22
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मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी से इलाज और पढ़ाई दोनों प्रभावित: कांग्रेस

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों के रिक्त पदों को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में योग्य और पंजीकृत डॉक्टर उपलब्ध होने के बावजूद नियमित भर्ती नहीं की जा रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा दोनों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने जारी बयान में कहा कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और चिकित्सा अधिकारियों के पद लंबे समय से खाली हैं, जिसके कारण मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस ने दावा किया कि मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में चिकित्सा विशेषज्ञों के बड़ी संख्या में स्वीकृत पद रिक्त हैं। पार्टी का कहना है कि चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की पर्याप्त नियुक्ति नहीं होने से अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है। इसका असर मरीजों की देखभाल, उपचार की गुणवत्ता और मेडिकल विद्यार्थियों के प्रशिक्षण पर भी पड़ रहा है।

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में हजारों एमबीबीएस, एमडी, एमएस तथा सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर पंजीकृत हैं। इसके बावजूद यदि सरकारी संस्थानों में डॉक्टरों की कमी बनी हुई है तो सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि नियमित भर्ती प्रक्रिया क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए रिक्त पदों को शीघ्र भरना आवश्यक है।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि पर्याप्त संसाधनों और मानवबल की कमी के कारण नए मेडिकल कॉलेजों को आवश्यक मान्यता प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी का कहना है कि यदि समय पर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति की जाती तो मेडिकल शिक्षा के विस्तार में आने वाली बाधाओं को काफी हद तक दूर किया जा सकता था।

पार्टी ने राज्य सरकार से मांग की है कि मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, जिला अस्पतालों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पदों की तत्काल समीक्षा कर नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। कांग्रेस का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाएं आम नागरिकों की बुनियादी जरूरत हैं और इनकी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों की बड़ी आबादी सरकारी अस्पतालों पर निर्भर है। ऐसे में डॉक्टरों की कमी के कारण यदि उपचार प्रभावित होता है तो इसका सबसे अधिक असर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर पड़ता है। उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग की।

कांग्रेस ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए रिक्त पदों को भरना, संसाधनों का विस्तार करना और मेडिकल शिक्षा संस्थानों को मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है। पार्टी ने राज्य सरकार से इस दिशा में शीघ्र और प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया है।